मायावती पर भेदभाव का आरोप, बसपा में फूट

किसी अन्य दल में शामिल होने की स भावनाओं से इंकार करते हुए उन्होंने मायवती की कार्यशैली पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सर्वसमाज सिर्फ बसपा के नारे में है हकीकत में सर्वसमाज से पार्टी का कोई लेना देना नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि पॉच वर्ष के बसपा के शासनकाल में एक वर्ग विशेष को छोड़कर समाज का बड़ा वर्ग हाशिए पर रहा। यही नहीं सरकार ने गरीबों के साथ भी जाति के आधार पर भी भेदभाव किया। श्री मिश्र ने कहा कि बसपा में कार्यकर्ताओं की उपेक्षा होती रही है, इसका खामियाजा मायावती को विधानसभा चुनाव में भुगतना पड़ा।
उन्होंने कहा कि जनता ने जिन मुद्दों पर बसपा को समर्थन किया था वे मुद्दे सरकार के एजेण्डा का विषय ही नहीं रह गये थे। नतीजतन बसपा को जनता ने उन्हीं मुद्दों पर नकार दिया जिन पर कभी उसे स्पष्ट जनादेश दिया था। वहीं स्वयं के बारे में उन्होंने कहा कि वह और उनका परिवार हमेशा से ही सामाजिक गतिविधियों के विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय रहा है जिसमें शिक्षा, कला संस्कृति एवं समाज सेवा प्रमुख रहे हैं। फिलहाल मिश्र ने अभी किसी अन्य दल के साथ जाने पर स्पष्टï रूप से कुछ नहीं कहा। उन्होंने कहा कि वह कोई भी राजनीतिक फैसला जल्दबाजी में नहीं लेंगे।












Click it and Unblock the Notifications