इंडियन मुजाहिद्दीन का संदिग्ध आतंकी दिल्ली पुलिस के हत्थे चढ़ा

उधर, महाराष्ट्र एटीएस ने भी मंगलवार को दो आतंकवादी को धर दबोचा। दोनों को महाराष्ट्र के बुलढाना जिले से गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने बताया कि प्रतिबंधित संगठन सिमी के पूर्व सदस्यों अखील खिलजी (45) और मोहम्मद जफर हुसैन कुरैशी (32) को बुलढाना जिले के पिंपलगांव गांव में किराये के मकान से गिरफ्तार किया गया। उनके पास से 7.65 एमएम पिस्तौल, पांच गोलियां, अखील के मध्य प्रदेश स्थित दो बैंक खातों से संबंधित दस्तावेज और अन्य दस्तावेज बरामद किए गए। अखील खंडवा सिमी इकाई का प्रमुख था। दोनों के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधि नियंत्रण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है । पुलिस ने दावा किया कि उनके इंडियन मुजाहिदीन के साथ नजदीकी संबंध हैं।
पुलिस ने बताया कि अखील मोहम्मद शकीर का पिता है जिसे सोमवार को मोहम्मद अबरार बाबू खान (32) के साथ गिरफ्तार किया गया था। संदेह है कि बाबू खान अहमदाबाद विस्फोट मामले में शामिल था जिसमें 56 लोगों की मौत हो गई थी। उसका सहयोगी खलील कुरैशी (20) औरंगाबाद में हुई मुठभेड़ में मारा गया था। एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि गिरफ्तार लोगों ने मध्य प्रदेश में कई बैंक लूटपाट की घटनाओं को अंजाम दिया और राशि का इस्तेमाल आतंकी गतिविधियों के लिए किया।
उन्होंने बताया कि मध्य प्रदेश के इस गिरोह का नेतृत्व पहले सिमी का पूर्व सदस्य अबू फैजल कर रहा था और यह महराष्ट्र में अपना आधार बनाने का प्रयास कर रहा था। इसके सदस्य औरंगाबाद, जालना और बुलढाना जिलों में फर्जी नामों पर किराये के मकानों में रह रहे थे। पुलिस ने बताया कि इंडियन मुजाहिदीन का प्रमुख सदस्य एवं कई मामलों में वांछित अब्दुल सुभान कुरैशी उर्फ तौकीर को अबू फैजल ने वर्ष 2008 में कई महीनों तक शरण दी थी। फैजल को गत वर्ष जून में मध्य प्रदेश पुलिस ने पकड़ा था।
पुलिस ने बताया कि फैजल, अबरार और अखील एक अन्य प्रमुख इंडियन मुजाहिदीन सदस्य सफदर नागोरी से नजदीकी तौर पर जुड़े हुए थे। फैजल की गिरफ्तारी के बाद गिरोह का नेतृत्व अखील और अबरार कर रहे थे। अबरार ने जमशेदपुर में 15 लाख का फ्लैट खरीदा था। यह फ्लैट उस 12 किलोग्राम सोने में से एक हिस्सा बेचने से मिला था जो उन्होंने मध्य प्रदेश की एक गोल्ड फाइनेंस कंपनी से लूटा था।












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