माया हाथी पर, जया साइकिल पर पहुंची राज्य सभा

विधानसभा के प्रमुख सचिव प्रदीप कुमार दूबे ने जैसे से नये सदस्यों के नामों की घोषणा की पार्टियों में खुशी की लहर दौड़ गयी। नाम वापसी के अंतिम दिन गुरूवार को सभी दस प्रत्याशियों के निर्विरोध चुने जाने की घोषणा की गयी। बसपा प्रमुख और राज्य की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती तथा पार्टी के प्रत्याशी मुनकाद अली राज्यसभा के सदस्य चुने गए। जबकि सपा की ओर से जया बच्चन, दर्शन सिंह यादव, मुलव्वर अली, नरेश अग्रवाल, किरणमय नंदा तथा ब्रजभूषण तिवारी को राज्यसभा में जगह मिली।
कांग्रेस रालोद के रशीद मसूद तथा भाजपा के विनय कटियार भी निर्विरोध निर्वाचित घोषित किये गये। गौरतलब है कि इस बार राज्यसभा के लिए भाजपा को छोड़ किसी अन्य पार्टी ने अपने पुराने प्रत्याशी को टिकट नहीं दिया था। कटियार का कार्यकाल दो अप्रैल को खत्म हो रहा था लेकिन पार्टी ने उन्हें दोबारा राज्यसभा के लिए टिकट देकर उन्हें जीताते हुए वहीं बनाए रखा। जया बच्चन सपा की ओर से तीसरी बार राज्यसभा के लिये चुनी गयी हैं।
पहली बार 2004 में राज्यसभा के लिये चुनी गयी थीं लेकिन लाभ के दो पदों के कारण उन्हें 2006 में सदस्यता से त्यागपत्र देना पड़ा। वर्ष 2006 में ही राज्यसभा चुनाव में पार्टी ने उन्हें दोबारा प्रत्याशी बनाया। पार्टी ने 2010 में भी श्रीमती बच्चन को राज्यसभा का प्रत्याशी बनाया था लेकिन मुलायम सिंह यादव तथा अमर सिंह के बीच हुये विवाद के कारण उन्होंनें इसके लिये मना कर दिया। सपा के जीते छह प्रत्याशियों में तीन उत्तर प्रदेश से बाहर के हैं। श्रीमती बच्चन मुम्बई की हैं तो किरण नंदा पश्चिम बंगाल के तथा मुनव्वर अली मध्यप्रदेश के। दर्शन सिंह यादव इटावा के, नरेश अग्रवाल हरदोई के तथा ब्रजभूषण तिवारी सिद्धार्थनगर के हैं। सुश्री मायावती तीसरी बार राज्यसभा के लिये निर्वाचित हुई। वह 1995 व 2003 में राज्य सभा जा चुकी है।












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