काटजू बोले हर कोई पैसा बनाने में लगा है

उन्होंने कहा कि जिस देश में गंगा और यमुना जैसी दर्जनों नदियां बहती हों वहां के लोग स्वच्छ जल के लिए तरसें इससे ज्यादा दुखदायी और क्या हो सकता है। पश्चिमी देशों में सारी नदियों का जल स्वच्छ है, वहां की नदियों का जल मिनिरल वाटर जैसा है। हमारे यहां की नदियों में शहरों का गन्दा पानी नदियों में बेरोकटोक गिर रहा है और कारखाने इसमें पीछे नहीं हैं।
काटजू ने कहा कि कारखाने जहरीला तत्व नदियों में बहा रहे हैं। इसे नियंत्रित करने के लिए देश में कानून है लेकिन वह लागू नहीं होता। अफसरशाही को भ्रष्ट करार देते हुए उन्होंने कहा कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड अपनी भूमिका का निर्वाह नहीं कर पा रहा है। हर ओर भ्रष्टाचार फैला है। काटजू ने कहा कि पवित्र नदियों को प्रदूषित करने वाले लोगों को कड़ा दंड दिया जाना चाहिए।
उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि नदियों का प्रदूषण रोकने के लिए वैज्ञानिक तरीकों का प्रयोग होना चाहिए, उसी से गंगा जल स्वच्छ होगा। उनका कहना है
कि नदियों को कुछ करोड़ रुपये खर्च करके साफ किया जा सकता है और लोगों को स्वच्छ जल उपलब्ध कराकर बीमारियों से बचाया जा सकता है। उन्होंने कहा गंगा को प्रदूषण मुक्त करने के लिए वह खुद प्रधानमंत्री तथा प्रदेश के मु यमत्री से मिलेगें। उन्होंने सलाह दी कि बच्चों को शुरुआत से ही प्रदूषण के बारे में ही शिक्षा दी जानी
चाहिए।












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