जेल के कोने-कोने से वाकिफ हूं: राजा भैया
लेकिन राजा भैया अपने मंत्रालय को लेकर काफी खुश हैं उन्होंने कहा कि मैं तो जेल के कोने-कोने से वाकिफ हूं क्योंकि मैं बसपा के दो शासनकाल में करीब 26 महीने जेल में रहा हूं। मैंने देखा है कि किस तरह जुर्माने का थोड़ा सा पैसा जमा न कर पाने के कारण पूरी सजा काटने के कारण लोग तय समय से अधिक तक जेलों में सड़ते रहते हैं।
मै पूरी कोशिश करूंगा कि जेल में हर सुख सुविधा हो और कैदियों को वो सब मिले जिसकी उन्हें जरूरत होती है। उन्होंने मीडिया से अपनी नयी योजनाएं भी बांटी। उन्होंने कहा कि वो कैदियों के लिए पूंजीपतियों और स्वयंसेवी संस्थाओं की मदद से एक फंड बनाने की योजना बना रहे हैं।
आपको बता दें कि राजा भैया के खिलाफ 45 आपराधिक मुकदमे लंबित हैं हालांकि पोटा के आरोपों से वो बरी हो गए हैं। उनके ऊपर हत्या, अपहरण, मारपीट जैसे कई संगीन अपराध दर्ज है। हालांकि कई मामलों में वो बरी हो गये हैं लेकिन अभी भी कई मामलों में फैसला नहीं आया है। लखनऊ विश्वविद्यालय से स्नातक करने वाले रघुराज प्रताप सिंह ने पहली बार कुंडा सीट से निर्दलीय के रूप में चुनाव जीता।
साल 2002 में मायावती सरकार ने राजा भैया पर पोटा लगाया। साल 2003 में फिर से सूबे में मुलायम सिंह की सरकार आई और सरकार आने के 25 मिनट के भीतर ही राजा भैया से पोटा संबंधी आरोप हटा दिए गए हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने बाद में सरकार को पोटा हटाने से रोक दिया। लेकिन 2004 में राजा भैया पर से पोटा आखिरकार हटा लिया गया।













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