हरियाणा: टॉफी मांगी तो मासूम का घला घोंटा

मंगलवार दोपहर उर्वशी खाना खाने के बाद गली में खेल रही थी कि पड़ोस के ही 36 वर्षीय सुरेश ने उसे बहलाकर अपने पास बुलाया और अपने घर में गला दबाकर उसकी निर्ममता से हत्या कर दी। उसकी मां नीतू ने देखा कि करीब डेढ़ घंटे बाद भी उर्वशी घर नहीं लौटी तो उसने बाहर आकर उसे ढूंढने का प्रयास किया। कुछ दूरी पर ही सुरेश नामक व्यक्ति का घर था। उसके बाहर वाले कमरे में जब नीतू की नजर पड़ी तो सुरेश भाग खड़ा हुआ। घर के अंदर उर्वशी चारपाई पर बेहोश पड़ी थी। नीतू के शोर मचाने पर आस पड़ोस के लोग एकत्रित हो गए और नीतू के परिजन उर्वशी को लेकर भिवानी के चौ. बंसीलाल सामान्य अस्पताल पहुंचे। चिकित्सकों ने उर्वशी को मृत घोषित कर दिया।
बच्ची की मां नीतू ने पुलिस को बताया कि उर्वशी उर्फ शीनू दोपहर करीब सवा 12 बजे दुकान से खाने की चीज लेने गई थी। करीब घंटे भर तक वापस नहीं लौटी तो मैं उसे देखने गई। घर के आसपास ढूंढा मगर वो नहीं मिली। इसके बाद वो अपने चाचा सुरेश के घर गई तो वहां जो देखा तो मेरी तो चीख निकल गई। चाचा सुरेश चारपाई पर मेरी बेटी का गला घोंट रहा था। मैं चिल्लाई। मेरे चिल्लाने से पास के ही मकान से मेरा ताऊ हवा सिंह वहां आ गया। हमें देख चाचा सुरेश वहां से भाग गया।
मेरी बेटी बेसुध सी थी। हम उसे लेकर बामला अस्पताल गए, जहां डाक्टरों ने तुरंत बच्ची को भिवानी अस्पताल ले जाने के लिए कहा। बताया जा रहै कि बच्ची के मामा सोनू ने बताया कि नीतू की शादी सामण पु_ी वासी पवन के साथ हुई थी। बच्ची का मन मामा के यहां बामला लगता था। इसलिए वह यहीं रह रही थी और उसकी मां पीहर आई हुई थी। पुलिस ने नीतू के बयान पर सुरेश के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया। उधर, सदर थाना प्रभारी के नेतृत्व में पुलिस ने बामला गांव में अनेक जगह दबिश देकर हत्यारे नाना सुरेश को गिरफ्तार कर लिया।












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