नर्म अखिलेश का कड़ा रुख, कई कार्यकर्ता पार्टी से बाहर

यूपी में सूबे की कमान संभालने के लिए गत 15 मार्च को जब सपा प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शपथ ली थी, उस दौरान उत्साह में चूर सपा कार्यकर्ताओं ने शपथ ग्रहण के बाद मंच पर जमकर उत्पात मचाया था। इस दौरान शपथ लेने वाले कई मंत्रियों का भी नाम शामिल था, लेकिनउन्हें सिर्फ चेतावनी देकर छोड़ दिया गया और कई कार्यकर्ताओं को पार्टी से निष्काषित कर दिया गया था।
इस प्रकरण पर जांच के बाद कई और नाम सामने आये, जिसमें सोनभद्र के घोरावल के विधानसभा क्षेत्र के अध्यक्ष बाबूलाल तथा मेरठ के चार कार्यकर्ता वसीम राहुल, शरवत चौधरी अमीर अहमद सिद्दीकी और इजहार खां का नाम प्रमुख है। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के निर्देश पर इन सभी को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया। इससे पूर्व शपथ ग्रहण के समय उपद्रव करने के मामले में अखिलेश यादव दस कार्यकर्ताओं को पार्टी से निष्कासित कर चुके हैं।
इन कार्यकर्ताओं को पार्टी से निकालने के साथ ही सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव ने चेतावनी दी है कि यदि कोई भी अनुशासनहीनता में लिप्त पाया गया तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जायेगी। वहीं पार्टी के झंडे के गलत इस्तेमाल पर भी प्रतिबंध लगाया है। पार्टी की ओर से आदेश जारी कर कहा गया है कि यदि कोई कार्यकर्ता पार्टी के झंडे लगाते पाया गया तो उन पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जायेगी। सूत्रों की मानें तो इस पर और कड़ाई करने के लिए पार्टी नये नियम-कानून भी बनाने जा रही है।












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