दुरंतो में भी तत्काल टिकट
दिल्ली
(ब्यूरो)। दिल्ली से लखनऊ, कोलकाता, मुंबई सेंट्रल, चेन्नई और पुणे जाने के लिए दुरंतो सबसे अच्छी ट्रेन है। इस लिहाज से कि यह कहीं रुकती नहीं इसलिए सबसे कम समय में पहुंच जाती है, लेकिन इसके साथ समस्या थी कि इसमें तत्काल टिकट की व्यवस्था नहीं थी। अब रेलवे ने यह परेशानी खत्म कर दी है। इस ट्रेन में भी तत्काल टिकट की सुविधा मिलेगी। id="toptextpromo">नॉन
स्टॉप ट्रेनों में सफर करने के लिए अब आपको चार माह पहले टिकट खरीदने की आवश्यकता नहीं होगी। क्योंकि, अब दुरंतो ट्रेनों में भी तत्काल टिकट की सुविधा मिलने वाली है। अचानक यात्रा का कार्यक्रम बने अथवा जल्दी पहुंचना हो तो आप दुरंतो से भी यात्रा कर सकेंगे। एक अप्रैल से सभी रूटों पर चलने वाली एक दर्जन से अधिक दुरंतो ट्रेनों में इस सुविधा को शुरू कर दिया जाएगा। पूर्व केंद्रीय मंत्री ममता बनर्जी की ड्रीम ट्रेन नॉन स्टॉप दुरंतो ट्रेन में तत्काल टिकट बुक करने की सुविधा जहां से ट्रेन खुलती है वही से यात्रियों को मिलने वाली है। रेलवे के नये सर्कुलर के अनुसार इस सुविधा को एक अप्रैल से शुरू कर दिया जाएगा। अब आप ट्रेन के छूटने के एक दिन पहले भी दुरंतो ट्रेन में टिकट बुक कर सकेंगे। दरअसल, इस सुविधा को देने के पीछे एक कारण यह भी है कि ट्रेन अभी यात्रियों को ज्यादा नहीं भा रही है। इस ट्रेन में 10-15 प्रतिशत बर्थ कई मौके पर खाली रह जाती है। रेलवे के नये सर्कुलर के अनुसार तत्काल का अतिरिक्त चार्ज मेल और एक्सप्रेस ट्रेन के बराबर ही होगा। id='are-slot-1' class='oiad oi-axt oiadv'> id='top-searched-articles'>नई
दिल्ली से लखनऊ, इलाहाबाद-हावड़ा सियालदह, मुंबई सेंट्रल भुवनेश्वर के लिए दुरंतो जाती है। इसके अलावा सराय रोहिल्ला से जम्मूतवी, यशवंतपुर और हजरत निजामुद्दीन से सिकंदराबाद और पुणे चेन्नई सेंट्रल के लिए दुरंतो चलती है। हालांकि अमृतसर -चंडीगढ़ दुरंतो का रिशपांस अच्छा नहीं रहा। अमृतसर से चंडीगढ़ तक दौड़ रही दुरंतो में यात्रियों की कम संख्या होना उस पर भारी पड़ने लगा है। यात्रियों की सीमित संख्या के चलते ट्रेन के रैक से पांच कोच हटा दिए गए हैं। अब यह ट्रेन 11 कोचों के साथ ही ट्रैक पर दौड़ रही है। 24 अगस्त 2011 को पटरी पर आई दुरंतो में 16 कोच लगाए गए थे। इनमें दो एसी, 12 नॉन एसी और दो एसएलआर कोच थे। उस समय ट्रेन में एक तरफ से 1428 यात्री सफर कर सकते थे। चूंकि दुरंतो ट्रेन नॉन स्टाप दौड़ती है, इसलिए उसका अमृतसर से चंडीगढ़ तक किसी भी स्टेशन पर ठहराव नहीं रहा। दुरंतो सरहिंद रेलवे स्टेशन पर रुकती है, लेकिन किसी भी यात्री को वहां से चढ़ने या उतरने की अनुमति नहीं है। यही वजह है कि ट्रेन से रोजाना मुश्किल से एक साइड से करीब 300 यात्री ही सफर करते हैं। हालांकि, पिछले कई महीनों से इस ट्रेन के जालंधर, लुधियाना, मोहाली रेलवे स्टेशनों पर ठहराव की आवाज बुलंद हुई है, लेकिन रेलवे ने इस तरफ कोई ध्यान नहीं दिया, उल्टा ट्रेन से पांच कोच हटाने में देर नहीं लगाई।











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