'घर में शौचालय नहीं मांग रही हैं मोबाइल'

रमेश ने जनगणना के नये आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि देश की आबादी का 60 प्रतिशत हिस्सा अभी भी खुले में शौच करता है। उन्होंने कहा कि यह हमारे लिए वास्तव में एक धब्बा है क्योंकि हम अंतरिक्ष में उपग्रह भेज सकते हैं लेकिन जमीन पर शौचालय नहीं बना सकते। रमेश ने मानव विकास इंडिया ह्यूमन डेवलपमेंट अवार्ड्स प्रदान करने के बाद कहा कि यह ऐसी चीज है जिसे सचमुच में राष्ट्रीय जुनून बनाने की जरूरत है।
जब तक आप इसे राष्ट्रीय जुनून नहीं बनाते हैं, आप समाज को इस अभिशाप से मुक्त नहीं करने जा रहें। महिलाएं मोबाइल फोन मांगती हैं, वे शौचालय बनाने की मांग नहीं करती-कह कर हाल में विवादों में आए रमेश ने कहा कि 2011 के जनगणना के आंकड़ों से वह खुश हैं क्योंकि उन्होंने जो कुछ कहा था कि उसकी इसमें पुष्टि हो गई है।












Click it and Unblock the Notifications