जौनपुर के बच्चों से मिले डा. एपीजे अब्दुल कलाम

डा. कलाम ने कहा कि छात्रजीवन में माता-पिता और प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक की महत्वपूर्ण भूमिका होती है क्योंकि यही वह समय होता है जब एक बच्चा समाज में कदम रखता है। उन्होंने कहा कि जीवन में ज्ञान सबसे महत्वपूर्ण होता है क्योंकि ज्ञान के ही माध्यम से ऊंचे चरित्र का निर्माण हो सकता है। डा. कलाम ने कहा कि सुन्दर चरित्र से परिवार खुशहाल होता है तथा परिवार खुशहाल होगा तो राष्ट्र की व्यवस्था सु²ढ होती है। पूर्व राष्ट्रपति ने कहा यदि आप में ज्ञान, रचनात्मक शिक्षा अच्छी सोच एवं साहस है तो सुन्दर परिवार समाज और राष्ट्र का निर्माण कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि शिक्षा ही छात्रों को वह आधार उपलब्ध कराती है जिसके द्वारा वह समाज में उड़ान भर सकते हैं। उन्होंने छात्रों से कहा कि जब चेतना में जीत की आकांक्षा प्रबल हो जायेगी तब जीत अवश्य हासिल करेंगे। डा. कलाम ने कहा कि बहादुर बच्चा वही है जो नयी सोच रखे और नयी चीज खोज निकाले। उन्होंने कहा कि छात्र अपने कैरियर से ही देश को आगे बढ़ा सकते हैं। उन्होंने इस अवसर पर छात्रों को शपथ दिलाते हुए कहा कि मेरे मिशन 2020 को सफल बनाने में अपना योगदान दो ताकि देश पूर्ण विकसित बन सके। उन्होंने आन्ध्र प्रदेश के एक नेत्रहीन छात्र श्रीकान्त का उदाहरण देते हुए कहा कि जब मैंने उससे 2007 में पूछा था कि तुम जीवन में क्या बनोगे तो उसने कहा था कि वह देश का पहला नेत्रहीन राष्ट्रपति बनेगा।












Click it and Unblock the Notifications