नशे में सिपाही ने की फायरिंग बच्चे की मौत

वरुण के घर वाले कह रहे हैं कि सिपाही ने जानबूझकर बदले की कार्रवाई में वरुण की हत्या की है। सिपाही गिरफ्तार कर लिया गया है। उसके पास से पिस्टल नहीं मिली है। आशंका है कि उसने सर्विस पिस्टल से गोली चलाई। पुलिस के अनुसार, प्रापर्टी का काम करने वाला सतीश चौहान मुखर्जी नगर के ढाका गांव में रहता है। उसके दो बेटे 14 साल का चेतन चौहान और 12 साल का वरुण थे। वरुण सरकारी स्कूल की सातवीं कक्षा में पढ़ता था। घटना वाले दिन सतीश के रिश्तेदार राजेंद्र चौहान की बेटी रूपाली की शादी थी। बारात हरियाणा के सोनीपत जिले के जखौली गांव से आ रही थी। शादी में राजेंद्र के परिचित मनमीत चौहान ने अपने दोस्त विशाल को आमंत्रण दिया था।
उसके साथ क्राइम ब्रांच के एसओएस में तैनात सिपाही जयबाबा और संजय भी आए थे। शाम को जयबाबा ने चौपाल के पास बने टैंट के पास बाइक रोकी। इसे लेकर उसकी विनोद नाम के युवक से कहासुनी हुई। रात करीब आठ बजे बारात पहुंची तो पार्क से बाइक हटाने को लेकर दोबारा कहासुनी हो गई। उसके बाद सभी मनमीत के घर चले गये। घरवालों का आरोप है कि रात 11 बजे सिपाही जयबाबा दोस्तों के साथ पंडाल के पास पहुंचा। सभी शराब के नशे में थे। तब तक डीजे बंद हो गया था। जयबाबा ने जबरन डीजे चलाकर पिस्टल से गोली चलानी शुरू कर दी।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, पहली गोली उसने ऊपर चलाई, दूसरी नीचे और तीसरी गोली वरुण के तरफ चलाई, जो उसके सीने में जा लगी। वरुण के नीचे गिरते ही अफरा-तफरी मच गई। परिजनों ने उसे अस्पताल पहुंचाया। अन्य लोगों ने जयबाबा की पिटाई कर पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने उसके खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया है। फरार मनमीत चौहान और संजय की तलाश हो रही है।
वरुण के चाचा राजकुमार चौहान ने बताया कि मरने से पहले वरुण ने बताया कि जयबाबा वहां पहुंचा और डीजे चलाने को कहा। वरुण ने डीजे नहीं चलने की बात कही तो जयबाबा गाली देने लगा। उसने गाली देने का विरोध किया तो जयबाबा ने तीसरी गोली यह कहते हुए उसे मार दी कि यह उसी घर का लड़का है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि शाम से पार्किंग को लेकर हो रहे झगड़े की वजह से जयबाबा गुस्से में था। उसके बाद वह शादी में न जाकर मनमीत के घर शराब पीने चला गया। इसके बाद उसने वहां पहुंचकर ताबड़तोड़ गोली चलानी शुरू कर दी। वरुण के चाचा राजकुमार ने बताया कि उसके किसी परिजन ने जयबाबा को आमंत्रण नहीं दिया था। मनमीत ने भी अपने दोस्त विशाल को बुलाया था। दोनों पुलिसकर्मी विशाल के साथ यहां आए थे। वरुण की मौत से परिजन ही नहीं, आस-पड़ोस वाले भी काफी दुखी हैं। पड़ोस में रहने वाली अनिता ने बताया कि वरुण काफी होनहार और शालीन था। कभी भी वह किसी से ऊंची आवाज में बात भी नहीं करता था। वह पढ़ाई में भी काफी अव्वल था। स्थानीय निवासी मनोज का कहना है कि वह खेल-कूद में भी काफी आगे रहता था।












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