हाईकोर्ट में पेश होगी सचान हत्याकांड की रिपोर्ट

डा. सचान के परिजन सोच रहे थे कि सीबीआई मामले की जांच करेगी तो हो सकता है कि पुलिस की जांच रिपोर्ट से हटकर मामला प्रकाश में आए लेकिन सूत्र बताते हैं कि सीबीआई ने पुलिस की विवेचना पर ही मुहर लगायी गयी है। सीबीआई ने सचान की मौत को हत्या नहीं आत्म हत्या करार दिया है। घोटाले के दौरान हुई दो मुख्य चिकित्साधिकारियों डा. विनोद कुमार आर्य तथा डा. वी पी सिंह की हत्या के मामले में डा. सचान मुख्य अभियुक्त थे।
उनकी 22 जून 2011 को जेल में संदिग्ध हालातों में मौत हो गयी थी। बाद में एन आर एच एम घोटाले तथा इन हत्याओं के मामले की जांच इलाहाबाद उच्च न्यायालय के आदेश पर सीबीआई को सौंपी गयी थी। अब सबकी नजर सीबीआई की रिपोर्ट पर है कि क्या डा. सचान की मौत आत्महत्या थी अथवा हत्या। पूरे मामले की जांच कर रही केन्द्रीय जांच एजेंसी ने इस स बन्ध में 3 मार्च को राज्य के पूर्व मंत्री बाबू सिंह कुशवाहा तथा सत्तारुढ़ बहुजन समाज पार्टी विधायक आर.पी. जायसवाल को गिरफ्तार भी कर लिया।
ऐसा अनुमान है कि अगले कुछ दिनों में एक-दो गिरफ्तारी और भी हो सकती है। सीबीआई ने प्रारम्भिक जांच में यह पाया कि डा. सचान ने आत्महत्या की होगी। साथ ही साथ एजेंसी सुसाइड नोट के मामले में गुमराह करने में किसी वरिष्ठ अधिकारी की संलिप्तता से भी इन्कार नहीं कर रही है। सूत्रों के अनुसार डा. सचान जेल में अपने प्रवास के दौरान गोमतीनगर थाना पुलिस द्वारा पूछताछ के बाद से काफी परेशान थे और संभवत: इसीलिए उन्होंने जेल के शौचालय में पैंट की बेल्ट से लटक कर जान दे दी। जिला पुलिस ने भी इसे आत्महत्या बताया था और सुसाइड नोट मिलने का भी दावा किया था। डा. सचान के परिवार तथा विपक्षी राजनीतिक दलों ने हालांकि इसे हत्या का सीधा मामला करार दिया था। कई बार समय बढ़ाये जाने के बाद अब यह तय है कि सीबीआई की जांच रिपोर्ट इस सप्ताह उच्च न्यायालय में प्रस्तुत की जा सकती है।












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