बेपर्दा हुईं मायावती और उनके हाथी

गौरतलब है कि चुनावों से पहले चुनाव आयोग ने बसपा के चुनाव निशान हाथी और पार्टी प्रमुख मायावती की मूर्तियों को ढ़कने का आदेश दिया था। चुनाव आयोग ने इन मूर्तियों को आचार संहिता का उल्लंघन बताया था। विपक्षी पार्टियों ने भी इसके लिए याचिका दायर की थी कि बसपा का चुनावी निशान हाथी है और ऐसे में ये मूर्तियां पार्टी का प्रचार करती नजर आती हैं।
विपक्षी पार्टियों का कहना था कि सरकारी संपत्ति से बनी इन मूर्तियों से बसपा पार्टी अपना चुनावी प्रचार कर रही है। जिसके बाद केंद्रीय चुनाव आयोग ने इस दलील को मानते हुए बसपा के चुनावी निशान हाथी और मुख्यमंत्री मायावती की मूर्तियों को ढ़कने का आदेश दिया था।












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