यूपी चुनाव- कैमरे के सामने नहीं होगी मतगणना
आरोप यह लगने लगे हैं कि जिलाधिकारी अपनी कमियों को छिपाने के लिए कैमरों का विरोध कर रहे थे हालांकि आयोग ने पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कराने के निर्देष दे दिए हैं।
प्रदेश में हुए विधान सभा चुनाव की मतगणना 6 मार्च की सुबह आठ बजे से ही प्रारम्भ हो जाएगी जिसके लिए सुरक्षा आदि के पूरे प्रबंध कर लिए गए हैं सुरक्षा को तीन स्तरों में बांटा गया है जिसके लिए पुलिस आदि व्यवस्था कर ली गयी है। आयोग ने सख्त आदेष दिया है कि मतगणना के वक्त कर्मचारी मोबाइल फोन लेकर न आएं क्योंकि मतगणना स्थल के भीतर मोबाइल फोन पूरी तरह से प्रतिबन्धित रहेगा।
मीडिया कर्मियों के लिए नियम सख्त करते हुए आयोग ने निर्देष जारी किए कि मीडिया कर्मी मीडिया सेन्टर में ही मोबाइल का प्रयोग कर सकेंगे। इन सारी बातों के बीच मतगणना स्थल से कैमरों को कम किए जाने की बात किसी के गले नहीं उतर रही है। सूत्र बताते हैं कि कुछ समय पूर्व चुनाव आयोग ने यह आदेष दिया था कि प्रत्येक टेबल के पास कैमरे लगाए जाएं ताकि किसी भी गड़बड़ी की आषंका को समाप्त किया जा सके लेकिन जिलाधिकारियों ने इसका विरोध कर दिया।
इस विरोध के पीछे जिलाधिकारियों की मंषा क्या है इसका खुलासा तो नहीं हो पाया लेकिन यह प्रष्न जरूर खड़ा हो गया कि आखिर जिलाधिकारियों को कैमरों से परहेज क्यों। क्या वे कोई गलत काम को अंजाम देना चाहते हैं या फिर वह यह नहीं चाहते कि उनकी खामियां कैमरे में कैद होकर उनके खिलाफ कोई सबूत बनें।













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