नाइजीरिया के पास था रेव पार्टियों में मस्त होने का सामान

अपराध शाखा के संयुक्त आयुक्त संदीप गोयल ने बताया कि एक सूचना पर निरीक्षक पीसी खंडूरी ने करीब एक माह तक सूचना एकत्र किया और विकासपुरी में कोकीन सप्लाई करने आए हैमफरे को गिरफ्तार कर लिया। फर्जी पासपोर्ट पर फर्जी भारतीय वीजा लगा हुआ था। पुलिस ने बताया कि हैमफरे पहली बार 1998 में टूरिस्ट वीजा पर भारत आया। उसी वर्ष फिर वह स्टूडेंट वीजा पर भारत आया और डीएवी कॉलेज, लखनऊ विश्वविद्यालय से स्नातक किया। वर्ष 2002 में उसने कानपुर विश्वविद्यालय से एमए किया। इसी दौरान वीजा खत्म होने पर लखनऊ पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। जेल से निकलने के बाद वह नाइजीरिया चला गया। वर्ष 2002 में फिर टूरिस्ट वीजा पर मुंबई आया और कपड़े का व्यवसाय करने लगा। वर्ष 2006 में सतारा (मुंबई) निवासी युवती से शादी कर ली, जो लोहे की फैक्टरी में काम करती थी। शादी के बाद हैमफरे नौकरी की तलाश में दिल्ली आया और सैदुल्लाहजाब में रहने लगा। जहां अंग्रेजी का ट्यूशन देने लगा और उसकी पत्नी घरों में नौकरानी का काम करने लगी। वर्ष 2009 में घिटोरनी में रहने लगा। जहां एक प्राइवेट स्कूल में पढ़ाने लगा। इसी दौरान मुंबई में रहने वाले एक नाइजीरियन से मुलाकात हुई। जिसने हैमफरे को ड्रग्स की तस्करी करने को कहा। उसके बाद उसने दिल्ली के रेव पार्टियों में कोकीन की सप्लाई करने लगा।
यहां बता दें दक्षिण एशिया में भारत हेरोइन की खपत के लिए सबसे बड़ा बाजार है। इस क्षेत्र में प्रतिवर्ष 40 टन हेरोइन बनाई जाती है, जिसमें से लगभग 17 टन हेरोइन की खपत अकेले भारत में होती है। जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत तकरीबन 68 अरब 76 करोड़ रुपए (1.4 बिलियन डॉलर) है। संयुक्त राष्ट्र की ओर से जारी रिपोर्ट में इस बात का खुलासा किया गया है। साथ ही यह भी बताया गया है कि यूरोप और अमेरिका में होने वाले अफगानी हेरोइन की तस्करी भी भारत के जरिए ही होती है। रिपोर्ट में तस्करों के लिए भारत को अमेरिका और यूरोप के लिए ट्रांजिट प्वाइंट बताया गया है। पड़ोसी देशों बंगलादेश और नेपाल में भी हेरोइन की तस्करी भारत से ही होती है। यहां तक कि श्रीलंका में होने वाली कुल हेरोइन की तस्करी का लगभग 50 फीसदी हिस्सा भी यहीं से जाता है और बाकी मांग पाकिस्तान से पूरी की जाती है।












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