...तो उड़ गया होता श्रीनगर का एसबीआई ब्रांच भी

इस बीच पता चला है कि एहतेशाम को पाकिस्तानी वीजा देने की सिफारिश कश्मीर के कट्टरवादी नेता सैयद अली शाह गिलानी ने की थी। पुलिस उनसे भी पूछताछ कर सकती है। नार्थ ब्लाक स्थित गृहमंत्रालय में इस मामले पर गृहसचिव आरके सिंह से मुलाकात के बाद दिल्ली पुलिस कमिश्नर बीके गुप्ता ने बताया कि इस मॉड्यूल को दिल्ली की ही तर्ज पर श्रीनगर के किसी भीड़ वाले इलाके में वारदात करनी थी। उन्होंने कहा कि एहतेशाम पिछले साल असली वीजा पर समझौता एक्सप्रेस से पाकिस्तान गया था।
उसके पास से बरामद एक पेन ड्राईव में पाकिस्तान में ली गई ट्रेनिंग के कई फोटो भी बरामद हुए हैं। गुप्ता के मुताबिक उस तस्वीर में की चौंकाने वाली बातें सामने आयी हैं जिसका खुलासा करना अभी मुनासिब नहीं होगा। एहतेशाम पाकिस्तान में लश्कर सरगना अबू हमजा की शागिर्दी में था। गृहमंत्रालय के उच्चपदस्थ सूत्र ने बताया कि रॉ ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) से आतंकवादियों की बातचीत इंटरसेप्ट किया था। इंटरसेप्ट के मुताबिक जम्मू-कश्मीर से दो लड़कों को बड़ी जल्दबाजी में दिल्ली के लिए रवाना किया गया था। उस इंटरसेप्ट से यह संकेत भी मिले थे कि होली से पहले दिल्ली में बड़ी वारदात करनी है। सूत्रों के मुताबिक अभी इस मॉड्यूल के कम से कम दो आतंकियों को पकड़ना बाकी है।
गुप्ता ने कहा कि खुफिया एजेंसी की जानकारी पर किए गए इस ऑपरेशन की खास बात यह है कि पुलिस ने एन वक्त पर इन्हें गिरफ्त में ले लिया। इतनी बड़ी दिल्ली में इन आतंकियों को इतने कम समय में खोज निकालना आसान नहीं था। इस बार आतंकवादियों की जगह पुलिस किस्मत वाली रही और एक बड़ा हादसा टल गया।












Click it and Unblock the Notifications