जाटों ने फिर दिया तीन दिन का समय

मीटिंग में आंदोलन को समर्थन दे रही खापों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। पहले से ही कयास लगाया जा रहा था कि खाप पंचायतें व जाट आरक्षण संघर्ष समिति सीधे टकराव की बजाय सरकार से वार्ता के लिए समयावधि बढ़ा सकती है।
मीटिंग समाप्त होने के बाद नेताओं ने इस बात की पुष्टि की कि सरकार को वार्ता के लिए तीन दिन का समय दिया गया है। तीन दिन में यदि सरकार की ओर से कोई सकारात्मक बात नहीं हुई तो फिर आंदोलन को उग्र कर दिया जाएगा और उसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी।
अब देखना रौचक होगा कि सरकार की ओर से क्या रूख अपनाया जाता है। क्या तीन दिन में सरकार की ओर से कोई बीच का रास्ता निकाला जाएगा या फिर जाटों का आंदोलन उग्र रूप धारण करेगा।












Click it and Unblock the Notifications