हशमत की याचिका खारिज, अमर सिंह को राहत

वर्ष 2008 के नोट के बदले वोट कांड में एक गवाह के अपहरण के मामले में उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग संबंधी याचिका दायर की गई थी। हशमत अली ने निचली अदालत के 12 दिसंबर के आदेश को चुनौती देते हुए कहा था कि मजिस्ट्रेट ने उसकी अर्जी खारिज कर कानूनी त्रुटि की है, क्योंकि अमर सिंह और उनके सचिव तरुण व सहयोगी रमेश ने स्पष्ट रूप से अपराध किया है।
हशमत अली ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया था कि तरुण और उसके सहयोगी रमेश ने 25 सितंबर, 2008 को खान मार्केट से उसे अगवा कर लिया था। उसे उस दिन मामले में जांच कर रही संसदीय समिति के समक्ष गवाही देनी थी। हशमत अली ने निचली अदालत के फैसले को चुनौती देते हुए कहा था कि मजिस्ट्रेट ने उसके द्वारा पेश सामग्री की अनदेखी की और दिल्ली पुलिस द्वारा की गई अनुचित जांच के आधार पर अपना फैसला सुनाया।












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