आपराधिक मामलों के बढ़ने से चिंतित हैं चिदंबरम

संसद की एक सलाहकार समिति के साथ बैठक में चिदंबरम ने कहा, यदि अलग कैडर बन गया तो इससे आपराधिक मामलों का तेजी से निपटारा संभव हो सकेगा। चिदंबरम ने कहा कि विधि आयोग ने इस संबंध में आवश्यक संशोधनों पर अपनी रिपोर्ट जल्द देने का आग्रह किया है। उन्होंने बताया कि गृह मंत्रालय से जुड़ी संसद की स्थायी समिति ने भी देश में आपराधिक न्यायिक प्रणाली को नए सिरे से तैयार करने के लिए विधेयक का मसौदा पेश करने की सिफारिश की है। चिदंबरम ने कहा कि जांच अब प्रौद्योगिकी आधारित साक्ष्य के दौर में पहुंच चुकी है। अन्य देशों द्वारा भी फोरेंसिक के नए तौर तरीके अपनाए जा रहे हैं। हमें भी ऐसा ही करने की आवश्यकता है। आपराधिक कानून एवं आपराधिक प्रक्रिया चूंकि संविधान की सातवीं अनुसूची की समवर्ती सूची में हैं इसलिए इनमें किसी भी तरह के संशोधन के लिए राज्य सरकारों से सहयोग जरूरी है।












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