हड़ताल का दिखा असर, परेशान रहा आम आदमी

दूसरी तरफ हिसार के साथ लगता जिला भिवानी में हड़ताल को लेकर रोडवेज महाप्रबंधक ने दोपहर 12 बजे तक 3 बार लाठी चार्ज किया। इसके विरोध में आंदोलन उग्र हो गया और करीब 40 कर्मचारियों ने गिरफ्तारियां दी। देश व्यापी हड़ताल का दोपहर बाद तक भी व्यापक असर था, मगर प्रशासन और कर्मचारियों के संयुक्त सहयोग से शाम करीब 4 बजे के बाद बसों को चला दिया गया। सरकारी बसें चलने के बाद प्रशासन ने रोडवेज डिपो से सभी प्राइवेट बसों को बाहर कर दिया।
कर्मचारी संगठनों की इस देश व्यापी हड़ताल में आज बैंक के कर्मचारी भी शामिल हुए, जिससे बैंक में पब्लिक डीलिंग नहीं हो पाई। जन स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों ने देर रात तक पानी की सप्लाई जारी रख सभी टैंकों को खाली कर दिया। इससे पूरा दिन शहरी क्षेत्रों में पानी की सप्लाई नहीं हो सकी। प्रशासन द्वारा रोडवेज डिपो से सुबह 3 बजकर 50 मिनट पर चलने वाली पहली बस को ही कर्मचारी संगठनों ने नहीं चलने दिया।
दूसरी तरफ जाट आरक्षण आंदोलन के चलते रेल यातायात पिछले 9 दिनों से ठप होने के चलते आज भी लोग रेलमार्ग से अपने गंतव्य की ओर नहीं जा सके और उन्हें निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ा। विभिन्न मांगों को लेकर कर्मचारियों ने आज पहले तो अपने कार्यालयों के बाहर नारेबाजी की और बाद में सभी कर्मचारी रोडवेज डिपो परिसर में पहुंच गए, जहां केंद्र व राज्य सरकार के पास लंबित मांगों का ब्यौरा दिया। हरियाणा कर्मचारी महासंघ के जिला प्रधान राजपाल नैन ने अपने संबोधन में कहा कि सरकार विभन्न विभागों के कर्मचारियों की मांगों की पिछले काफी समय से अनदेखी कर रही है। हर विभाग में आज के दिन स्थायी कर्मचारियों की संख्या लगातार घटती जा रही है।
निजी वाहनों को किराए को लेकर चली मनमर्जी :
सरकारी बसों का चक्का जाम होने के चलते आज पूरा दिन सभी बूथों पर निजी वाहनों का कब्जा रहा। ऐसे में निजी वाहनों ने आज यात्रियों से किराया वसूलने में भी मनमर्जी चलाई। लोग जहां जिस रूट पर आम दिनों में 15 रुपए में सफर कर रहे थे, उस रूट पर आज उन्हें 20 से 25 रुपए तक किराया देना पड़ा। इस मनमर्जी की शिकायत रोडवेज अधिकारियों तक भी पहुंची, मगर सरकारी बसों के न चलने के कारण वे कोई कार्रवाई नहीं कर सके। हिसार से अग्रोहा जाने वाले दैनिक यात्री सुमेर सिंह ने बताया कि वे रोडवेज की बस और जीप में आम दिनों में वे 14 रुपए किराया देते हैं, जबकि आज उन्हें 20 रुपए किराया देना पड़ा। जीप में हिसार से सिवानी जाने वाले दैनिक यात्री ने बताया कि आम दिनों से उनको दोगुना किराया देना पड़ा। जब एतराज किया तो जीप वाले ने उन्हें उतर कर कल सरकारी बस पर जाने को कह दिया। वहीं हिसार से बरवाला और हिसार से हांसी जाने वाले निजी वाहनों का किराया भी अन्य दिनों की अपेक्षा बढ़ाया जोकि करीब डेढ़ गुना रहा।
हड़ताल में प्रशासन द्वारा प्रबंधों के दावों की यूं खुली पोल :
कर्मचारियों की विभिन्न मांगों को लेकर 28 फरवरी की देश व्यापी हड़ताल का आह्वान पहले से था। विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने दावा किया था कि वे आम जनता को परेशानी नहीं होने देंगे। जबकि स्थिति विपरीत रही। हड़ताल के चलते आज आम आदमी परेशान रहा। आम जनता की परेशानी और मांग को आज कहीं भी नहीं सुना गया। शहरभर में पानी की सप्लाई न होने पर कार्यालय को फोन बजते रहे। कुछ इलाकों में बिजली की सप्लाई बाधित होने पर बिजली ठीक करने वाले कर्मी घंटों तक नहीं पहुंचे। शहर में कई क्षेत्रों में सीवर बंद होने के कारण जब कार्यालय में फोन कर सूचना दी गई तो जवाब आया कि सीवर, पानी, बिजली आज कुछ भी ठीक नहीं होगा। अब कल तक इंतजार करें।
पटेल नगर के निहाल सिंह ने बताया कि उनके क्षेत्र में सुबह से पानी की सप्लाई नहीं हुई। विभाग के ऑफिस में फोन किया तो कर्मचारी बोला कि पानी आज पूरा दिन नहीं आएगा। इस बात की सूचना पहले ही दे दी गई थी। आज पानी के सारे टैंक खाली हैं।
बालसमंद रोड स्थित चंदन नगर निवासी राजेश ने बताया कि उनके क्षेत्र में सुबह करीब 10 बजे बिजली की सप्लाई बाधित हुई। उन्होंने बिजली निगम के टोल फ्री नंबर पर फोन करके सूचना दी। जवाब मिला कि आज कर्मचारियों की हड़ताल है, आपको काफी देर तक इंतजार करना पड़ेगा। जब राजेश ने समय पूछा तो फोन उठाने वाले के पास कोई जवाब नहीं दे सका। सेक्टर-16,17 निवासी गौरव ने फोन कर हड़ताल में प्रशासन की तरफ से सरकारी बसों के न चलने पर प्रशासन की तरफ से किए गए प्रबंधों की जानकारी लेनी चाही तो बस स्टैंड पर इंक्वायरी पर बैठे कर्मचारी ने कहा कि प्रशासन के पास सरकारी बसों के अलावा कोई प्रबंध नहीं होता, प्राइवेट बसों वाले हर बूथ पर बसें लगाए हैं, आप उनमें सफर करना चाहें तो कर सकते हैं।












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