पांच करोड़ नहीं दिए तो कत्ल कर जला दिया

अदालत ने सभी को पुलिस रिमांड पर भेजा है। पुलिस का कहना है कि हीरा व्यापारी का अपहरण फिरौती के लिए किया गया था। आरोपियों ने अपहरण वाले दिन ही व्यापारी की हत्या कर उसे मथुरा के आयराखेड़ा के पास जलाकर उसके शव को खुर्द-बुर्र्द कर दिया था। मालूम हो कि 22 फरवरी को सेक्टर-15 निवासी हीरा व्यापारी कृष्ण आर्य सेक्टर-16 की मार्केट से लापता हो गए थे। उनकी मर्सिडीज कार सेक्टर-16 की मार्केट में खड़ी मिली थी। पुलिस ने 23 फरवरी को अपहरण का मामला दर्ज कर लिया था। पुलिस कमिश्नर शत्रुजीत सिंह कपूर ने इस मामले की जांच के लिए फरीदाबाद सेंट्रल थाना पुलिस, सीआईए सेक्टर-48 और सीआईए भूपानी की टीम गठित कर दी थी।
जांच टीम ने दिल्ली और मथुरा में छापेमारी कर सेक्टर-30 निवासी संजीव, आगरा के सविता नगर निवासी रवि उर्फ राहुल, हाथरस के दर्शना गांव निवासी अवधेश और मथुरा के अरूआ गांव निवासी पुष्पेंद्र उर्फ सनी को गिरफ्तार कर लिया। अवधेश और संजीव फुफेरे भाई हैं। एसीपी सेंट्रल कुलदीप सिंह ने सेंट्रल थाने में पत्रकारों को बताया कि आरोपियों में से एक संजीव हीरा व्यापारी के पास करीब 20 साल तक नौकरी कर चुका है। फिलहाल वह रेलवे में नौकरी करता है। उसकी निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन के टिकट काउंटर पर पोस्टिंग है। उसने करीब डेढ़ माह पहले हीरा व्यापारी के अपहरण की योजना बनाई थी।
उसने आरोपियों में से एक अपने बुआ के बेटे अवधेश और उसके दोस्त सनी के साथ आई-20 गाड़ी में हीरा व्यापारी को सेक्टर-16 की मार्केट से अपनी गाड़ी में बैठा लिया था। उसके बाद उसे चाय-कॉफी में नशीला पदार्थ मिलाकर पिला दिया। इससे व्यापारी बेहोशी की हालत में चला गया। उसके बाद उन्होंने उसकी हत्या कर हीरे की तीन अंगूठी-सोने की दो चेन और घड़ी उतार ली। बाद में उसे मथुरा के आयराखेड़ा गांव के जंगल में ऊपलों के ढ़ेर जलाकर उसके शव को खुर्द-बुर्द कर दिया। मथुरा के राय थाना क्षेत्र की पुलिस को जब 23 फरवरी को पता लगा कि आराखेड़ा गांव में एक अधजला शव पड़ा है। पुलिस ने शव कब्जे में किया। शव के ऊपर केवल जुराबें जलने से बच गई थीं। पुलिस ने उनको सुरक्षित रख लिया। जब यह मामला खुला तो व्यापारी के परिजनों ने मृतक की पहचान जुराबों से कर ली। आरोपियों से बरामद हुई हीरे की अंगूठियों और घड़ी ने भी व्यापारी का शव होने के सबूत दे दिए। दोपहर को व्यापारी की अस्थियों का ही सेक्टर-आठ स्थित श्मशान भूमि में अंतिम संस्कार किया गया।
हत्याकांड के मास्टरमाइंड संजीव से कृष्ण आर्य की करीब बीस साल पुरानी जान पहचान है। इस हत्या में शामिल अवधेश संजीव की बुआका लड़का है। जब मार्केट से अपहरण हुआ तो उस वक्त संजीव के साथ पुष्पेंद्र और अवधेश भी थे।रवि उर्फ राहुल नामक चौथा युवक उनको बाद में मिला था। सभी आरोपियों की उम्र 26 से 30 साल के बीच है। संजीव रेलवे में क्लर्क है जबकि अवधेश व पुष्पेंद्र उर्फ सनी खेती करते थे व रवि उर्फ राहुल बेरोजगार था। एसीपी ने बताया कि आरोपियों के कब्जे से हीरे की तीन अंगूठी, घड़ी और वारदात में प्रयोग लाई गई आई20कार बरामद कर ली गई है। आरोपियों द्वारा फिरौती की कितनी रकम मांगी जानी थी। इसके बारे में पूछताछ की जानी है। माना जा रहा है फिरौती में पांच करोड़ रुपये मांगे गए थे।












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