यूपी चुनाव: 28 फरवरी को होगी आयोग की अग्नि परीक्षा
यहां अनेक दबंग भी चुनाव के मैदान में खम ठोके खड़े हैं। चुनाव से पहले भारी संख्या में अवैध हथियारों की फैक्ट्रियां भी पकड़े जाने से चुनाव आयोग की पेशानी पर बल पड़ गए हैं। मेरठ मंडल में 7, आगरा में 8 और अलीगढ़ में 19 ऐसी फैक्ट्रियों का पर्दाफाश हुआ और भारी मात्रा में तमंचे और कारतूस बरामद हुए। अकेले गाजियाबाद में दो फैक्ट्रियां पकड़ी गईं और 127 तमंचे बरामद किए गए। गौतमबुद्धनगर में भी 180 अवैध हथियार पुलिस ने बरामद किए। माना जा रहा है कि इन हथियारों का इस्तेमाल चुनावों में किया जाना था।
चुनाव आयोग को यह आंकड़ा भी चौंकाने वाला लगता है कि गाजियाबाद जनपद के कुल 113 प्रत्याशियों में से 47 पर आपराधिक मुकदमे चल रहे हैं। गौतमबुद्ध नगर में भी अनेक दागी प्रत्याशी हैं। गाजियाबाद में प्रशासन की कड़ी निगाहें प्रमुख दलों के प्रत्याशी वहाब चौधरी, अमर पाल शर्मा, मदन भईया, मास्टर राजपाल और ब्रजपाल तेवतिया पर हैं तो गौतमबुद्ध नगर में ओमदत्त शर्मा, समीर भाटी, मनवीर तेवतिया, धीरेन्द्र सिंह और बिजेन्द्र भाटी की पल-पल की खबर रखी जा रही है।
प्रशासन को उन हिस्ट्रीशीटरों से भी आशंका बनी हुई है जो तमाम प्रयासों के बावजूद हाथ नहीं आए। गाजियाबाद में 80 तो गौतमबुद्ध नगर में 40 हिस्ट्रीशीटर भूमिगत हैं और मतदान के दिन कोई गुल खिला सकते हैं। आशंकाओं के मद्देनजर ही मतदान के दिन यहां भारी मात्रा में सुरक्षा बल और पैरा मिलेट्री फोर्स तैनात किया जा रहा है। अकेले गौतमबुद्धनगर में ही 38 कम्पनी पैरा मिलेट्री फोर्स बुलाई गई है। साहिबाबाद, बादलपुर, दनकौर और जेवर के लेकर प्रशासन ज्यादा सतर्क है क्योंकि यहां मतदान के दौरान गड़बडिय़ों का इतिहास भी रहा है। बहरहाल मतदान का यह चरण चुनाव आयोग और स्थानीय पुलिस प्रशासन के लिए किसी अग्नि परीक्षा से कम नजर नही आ रहा।













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