केजरीवाल के खिलाफ राजनीतिक दल एक, बताया देशद्रोही

केजरीवाल के इस बयान के बाद कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने कहा कि केजरीवाल ही बतायें कि संसदीय लोकतंत्र बुरा है तो केजरीवाल ही बताएं कि वह किस तरह का मॉडल चाहते है। क्या तानाशाही? आर्मी रूल? उनका बयान देश में हिंसा पैदा कर देगा। जिसके पलटवार पर अरविंद केजरीवाल ने कहा कि वो गलत नहीं है, इसलिए जो करना है करें अगर देशद्रोह का मुकदमा चलाना है तो चलाये।
आपको बता दें कि टि्वटर ने लिखा है कि लोकतंत्र के मंदिर में विधायक ब्लू फिल्म देखे रहे हैं। लोकतंत्र के मंदिर में बिल फाड़ा जाता है और कुर्सियां फेंकी जाती हैं। भारत में पार्टियों की कमान तानाशाही में बदल गई हैं। समय आ गया है कि लोग सच के खिलाफ लड़ाई लड़े। केजरीवाल ने कहा कि 15 सांसदों पर हत्या के आरोप हैं। 23 हत्या के प्रयास के आरोपी हैं। 11 पर धारा 420 के तहत धोखाधड़ी का आरोप है। 13 एमपी पर अपहरण के आरोप हैं। यूपी में रेप के पांच आरोपियों को पार्टियों ने चुनाव मैदान में उतार दिया। ऎसे लोगों से हम भ्रष्टाचार और अपराध खत्म करने की उम्मीद कैसे कर सकते हैं।
गौरतलब है कि भ्रष्टाचार के विरूद्ध मुहिम चलाने और वोटरों को जागरूक करने के लिए टीम अन्ना ने नोएडा में एक जन सभा को संबोधित किया। जहां केजरीवाल ने साफ तौर पर अपने भाषण में कहा कि संसद में सभी तरह के लोग घुस गए हैं, जिनमें गुंडे, मवाली, हत्यारे और बलात्कारी शामिल हैं। देश की समस्या सुलझाने के लिए बनीं संसद आज खुद देश की सबसे बड़ी समस्या है इसलिए इस समस्या का समाधान बहुत जरूरी है।
जिसे केवल आप यानी जनता बदल सकती है इसलिए आप अपना कीमती वोट सोच-समझकर दें। आखिर जब मुझे जो कि एक आम आदमी हूं को पुलिस से डर नहीं लगता है तो मुलायम सिंह, लालू प्रसाद और ए राजा जैसे लोगं को पुलिस से डर क्यों लगता है, इसका मतलब साफ है कि यह लोग खुद भ्रष्ट हैं। इसलिए यह लोग सशक्त लोकपाल बिल नहीं ला रहे हैं।












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