254 मेडिकल ऑफिसरों की नियुक्ति पत्र रद किए

स्वास्थ्य विभाग की वित्तायुक्त एवं मुख्य सचिव नवराज सिंधू ने यह निर्देश जारी किए हैं। सरकार ने छह दिसंबर 2010 को 86 मेडिकल ऑफिसरों की नियुक्ति की थी। इसके अलावा पांच मई 2011 को 145 और तीन अगस्त 2011 को 23 मेडिकल ऑफिसरों की नियुक्ति का मौका दिया था। इन सभी मेडिकल ऑफिसरों को 15 दिन के अंदर-अंदर नियम और शर्तो के अनुसार ज्वाइनिंग करनी थी,लेकिन कई माह बाद भी इन लोगों ने ज्वाइन नहीं किया।
इसके कारण अब सरकार ने अलग-अलग तिथियों में मेडिकल ऑफिसर के लिए जारी किए गए नियुक्ति पत्रों को रद कर दिया है और इसकी सूचना स्वास्थ्य विभाग को जारी कर दी । हालांकि सरकार ने पांच मई 2011 को 145 मेडिकल ऑफिसरों को स्टेशन तक अलॉट कर दिए गए थे। इसके बावजूद इन सभी ने अपने-अपने क्षेत्रों में ज्वाइनिंग नहीं की, जिससे अब सरकार ने उनके नियुक्ति पत्र रद कर दिए हैं। स्वास्थ्य विभाग के महानिदेशक डॉ. नरवीर सिंह ने बताया कि सरकार ने विभिन्न तिथियों में 254 मेडिकल ऑफिसर नियुक्त किए थे, लेकिन उन्होंने 15 दिन में ज्वाइनिंग नहीं ली। इस कारण सरकार ने उनके नियुक्ति पत्र रद कर दिए हैं। अब डॉक्टर सरकारी सेवाओं के आने की बजाय खुद के अस्पताल खोलने में ज्यादा रुचि दिखा रहे हैं। इसका कारण ज्यादा प्रैक्टिस चलना बताया जा रहा है। कुछ समय पहले भी कई मेडिकल ऑफिसरों ने अपने पद पर ज्वाइन नहीं किया था।
जिन मेडिकल ऑफिसरों के नियुक्ति पत्र रद किए गए हैं, उसमें हिसार के सात, फरीदाबाद के सात, झज्जर के छह, रोहतक के छह, रिवाड़ी के छह, यमुनानगर के सात, पानीपत के पांच, कैथल के नौ, सिरसा के 12, भिवानी के आठ, करनाल में आठ, सोनीपत के आठ, फतेहाबाद के आठ, महेंद्रगढ़ के 11,जींद के आठ, कुरुक्षेत्र के तीन, गुडग़ांव का एक, पलवल के सात और पंचकूला का एक मेडिकल ऑफिसर शामिल है। इसके अलावा मांडी खेड़ा के नौ, नारायणगढ़ के छह व चौरमसथपुर के दो मेडिकल ऑफिसर शामिल हैं।












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