लड़की ने बदला था प्रेमी, इसी चक्कर में हुई थी पिटाई

न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी थाना पुलिस ने नेहरू प्लेस स्थित एक फाइव स्टार होटल के परिसर स्थित जिंक्स पब के चीफ सिक्योरिटी इंचार्ज भूपेंद्र और उसके साथियों से मारपीट करने के आरोप में छतरपुर स्थित एक फॉर्म हाउस से संगम विहार निवासी अनुज, तैमूर नगर निवासी संदीप, दल्लूपुरा निवासी रॉकी व बॉबी, जसोला निवासी मनिंदर, सुंदरपा, देवेंद्र और गौतमबुद्धनगर से सेक्टर-15, नोएडा निवासी सत्यवान अवाना उर्फ देव को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से वारदात में प्रयुक्त दो गाड़ियां बरामद की गई हैं। आरोपी और पीड़ित एक दूसरे को अच्छी तरह जानते हैं। इनके तीन से ज्यादा साथी फरार है। दसवीं पास आठों पेशे से बाउंसर हैं।
पुलिस ने सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश किया। तीन आरोपियों बॉबी, रॉकी और मनिंदर को दो दिन की रिमांड पर भेजा गया है। इन लोगों से पिस्टल आदि बरामद करने की बात कही जा रही है। दक्षिण-पूर्व जिले के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अजय चौधरी का कहना कि एक युवती से दोस्ती को लेकर झगड़ा हुआ था। आरोपियों की यह गुंडागर्दी सूर्या क्राउन होटल के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई थी। मीडिया में खबर आने पर 11 दिन बाद एनएफसी थाना पुलिस हरकत में आई। आरोपी नेहरू प्लेस से लेकर क्राउन प्लाजा होटल तक फायरिंग करते हुए आए। घटनास्थल से भी पीसीआर वैन गुजरी थी, मगर पुलिसकर्मियों ने कुछ नहीं किया। पुलिस के अनुसार सिक्योरिटी इंचार्ज भूपेंद्र और विकास में एक युवती से दोस्ती को लेकर तनातनी चल रही थी। युवती पहले विकास की दोस्त थी, बाद में वह भूपेंद्र से बात करने लगी थी। इस पर विकास आगबबूला हो गया था। विकास जब भूपेंद्र से बात करने नेहरू प्लेस गया तो बताया जा रहा है कि भूपेंद्र ने साथियों के साथ उसकी पिटाई कर दी थी। दूसरा भूपेंद्र ने विकास को पब में जाने भी रोक दिया था। विकास बदला लेने की फिराक में था। 13 फरवरी की सुबह साढ़े पांच बजे जब भूपेंद्र मनु, विनोद और शरद के साथ पब से निकला तो विकास और उसके एक दर्जन साथियों ने पीछा करना शुरू कर दिया था। आरोपियों ने मोदी फ्लाईओवर पर भूपेंद्र व उसके साथियों पर दो राउंड फायरिंग भी की थी। बचने के लिए भूपेंद्र क्राउन प्लाजा सूर्या होटल में घुसना चाहा, मगर सुरक्षा गार्डों ने घेर लिया। यहां आरोपियों ने भूपेंद्र और उसके साथियों की पिटाई कर दी।
पुलिस के अनुसार आरोपियों ने भूपेंद्र पर बदला लेने के लिए साजिश रच ली थी। आरोपी पब के बाहर बैठे रहे। भूपेंद्र 13 जनवरी की सुबह निकला तो आरोपियों ने उनका पीछा करना शुरू कर दिया।बताया जा रहा है कि एक राउंड फायरिंग सूर्या होटल के पास जाकर की थी। पुलिस का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज में फायरिंग कैद नहीं हो पाई है। रास्ते में जब एक साथ दो कई गाड़ियां तेज रफ्तार से दौड़ रही थी तो एक पीसीआर वैन ने पीछा किया था। सूर्या होटल के पास जाकर वैन में तैनात पुलिसकर्मियों ने गुंडागर्दी देखी थी मगर काई कार्रवाई नहीं की थी।
सवाल ये उठता है कि क्या पुलिस मीडिया के दबाव में ही जागती है। अगर मीडिया में इस घटना की कवरेज नहीं होती तो क्या पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार करती। पुलिस अधिकारी कह रहे हैं कि आरोपी फरार थे। दूसरा सवाल यह उठता है कि शुक्रवार को जब घटना की मीडिया में कवरेज होनी शुरू हुई तो पुलिस ने एक ही रात में आठ आरोपियों को दबोच लिया। एम्स में भर्ती फलक मामले में भी पुलिस मीडिया कवरेज के बाद हरकत में आई थी।












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