फलक को अपनाने वालों की लगी लाइन

ट्रामा सेंटर प्रमुख प्रो. एमसी मिश्रा ने बताया कि छाती में अब कुछ संक्रमण बचा है। सोमवार को फलक की पांचवीं सर्जरी की गई थी। लगभग तीन घंटे तक चली सर्जरी के दौरान मस्तिष्क में जमा हो रहे पानी को पेट के रास्ते निकालने के लिए शंटिंग की गई थी। पूरे शरीर में पानी का संचार मस्तिष्क के सहारे होता है, लेकिन वह नहीं निकल रहा था। पानी जमा होने से सिर पर दबाव बनता जा रहा था, जो जानलेवा साबित हो सकता था। इसलिए सर्जरी करनी जरूरी थी।
प्रो.मिश्रा ने बताया कि स्थिति बेहतर हो रही है और जल्द ही उसे वेंटिलेटर से हटा लिया जाएगा। प्रो.मिश्रा ने बताया ने पचास से भी ज्यादा लोगों ने फलक को गोद लेने की इच्छा जाहिर की है। इनमें एनआरआई भी है। कुछ विदेशी भी हैं। अब सरकार को देखना है कि इस मामले में वह क्या फैसला लेती है। हालांकि उसकी मां मिल चुकी है। गौरतलब है पुलिस ने फलक मामले में फरार राजकुमार उर्फ दिलशाद उर्फ बबलू (32) को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया था।
पुलिस उसे दो वर्षीय फलक को 16 वर्षीय राधा (बदला नाम) के पास लावारिस छोड़ने का आरोपी मान रही है। राजकुमार ने फलक को मनोज से पालने के लिए लिया था। टैक्सी चलाने के दौरान वह मनोज, राहुल और राणा के संपर्क में आया था। इन्हीं के जरिए उसे राधा मिली थी। जब राधा ने फलक की पिटाई की थी तो उसने इसकी जानकारी उस समय मुंबई में मौजूद राजकुमार को दी थी और राजकुमार ने ही फलक को अस्पताल ले जाने को कहा था। टैक्सी चालक होने से वह राधा को देह व्यापार में धकेलने के आरोपी और संगम विहार पुलिस द्वारा गिरफ्तार राहुल, पूजा और राणा गुप्ता के संपर्क में आया। ये लोग राजकुमार की टैक्सी में युवतियों को वेश्यावृति के लिए भेजते थे।
राधा को भी राजकुमार की टैक्सी में भेजा जाता था। आने-जाने के दौरान उसकी राधा से नजदीकियां हो गईं। राधा ने जब उसे दर्द बताया तो वह उसके साथ महिपालपुर में रहने लगा। एक दिन जब मनोज ने राजकुमार से गाड़ी मंगाई तो मनोज के हाथों में फलक थी। मनोज ने उसे कहा था कि वह फलक को अनाथालय छोड़ने जा रहा है। ऐसे में राजकुमार उसे पालने के लिए घर ले गया। जब राजकुमार की पत्नी तबस्सुम को राधा के बारे में पता लगा तो वह बेटे सहित घर छोड़कर मुंबई चली गई थी। 13 जनवरी को राजकुमार राधा के पास फलक को छोड़कर बीमार बेटे को देखने मुंबई चला गया था। 17 जनवरी को राधा ने फलक की बेरहमी से पिटाई कर दी। फलक की हालत ज्यादा खराब हो गई तो उसने फोन कर राजकुमार को जानकारी दी। 18 जनवरी को फलक को एम्स में भर्ती कराया गया था।












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