खुला हाथी 1 लाख का तो ढका हाथी सवा लाख का
मायावती ने कहा कि निर्वाचन आयोग ने पार्क और स्मारकों में लगे हाथी को विपक्षी दल खासकर कांग्रेस के इशारे पर ढकने का निर्णय लिया। मायावती ने कहा कि निर्वाचन आयोग ने भले ही पार्क में मूर्ति और हाथी को विपक्ष के इशारे पर ढका लेकिन इससे पार्टी का काम आसान हो गया। दलितों में इसको लेकर गुस्सा आया और उन्होंने अपना मत पार्टी के पक्ष में दिया उन्होंने चुनाव बाद पार्टी के फिर से पूर्ण बहुमत में आने का दावा करते हुये कहा कि बसपा को इस बार पहले से ज्यादा सीटें मिलेंगी।
उन्होंने कहा कि विपक्ष ने कभी भी दलित महापुरूषों का स मान नहीं किया। पार्टी ने जब उनको स मान देने के लिये मूॢतयां लगवायी तो उसकी आलोचना की गयी। उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और महासचिव राहुल गांधी पर निशाना साधते हुये कहा कि केन्द्र में सरकार वाली इस पार्टी के बड़े नेता सब्जबाग दिखाकर जनता को लुभा रहे हैं जिनमें मुसलमानों के आरक्षण को बढ़ाया जाना भी है। कांग्रेस ने लगातार चालीस साल तक इस राज्य पर शासन किया लेकिन उनके शासनकाल में राज्य के सभी नामी उद्योग दम तोड़ गये। अब कांग्रेस विकास का नाम लेकर राज्य के लोगों को बरगला रही है।
मायावती ने कहा कि केन्द्र की संप्रग के 31 महीने के शासन में 62 घोटाले हुये जिससे देश को लगभग बीस लाख करोड़ रूपये का नुकसान हुआ। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाने वाले सबसे पहले अपने भ्रष्टाचार को देखें और उसके बाद दूसरों पर आरोप लगायें। राहुल गांधी का नाम लिये बिना कहा कि राज्य को गरीब बनाने वाले कांग्रेस के नेता अब राज्य के लोगों को भिखारी बता रहे हैं और राज्य के विकास के लिये वोट मांग रहे हैं। उत्तर प्रदेश से रोजगार की तलाश में बाहर गये लोगों के साथ कांग्रेस शासित राज्यों में ही जुल्म होता है।
वहीं मायावती ने समाजवादी पार्टी को गुंडों और माफियाओं की पार्टी बताते हुये कहा कि यदि चुनाव बाद इस पार्टी की सरकार बनी तो राज्य में अपराधियों का बोलबाला होगा तथा महिलाओं की इज्जत सुरक्षित नहीं रहेगी। राज्य के लोग सपा कार्यकाल में गुंडई का नजारा देख चुके हैं। सपा कार्यकाल में ही नोयडा का निठारी कांड हुआ था जिसे उसके नेताओं ने सामान्य बात बताया था। उन्होंने राज्य के लोगों से इस पार्टी से सावधान रहने की अपील की।













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