थारी गाड़ी से महंगी है माहरी धन्नो
हिसार के सिंघवाखास निवासी होशियार सिंह की धन्नो की कीमत लग्जरी गाडिय़ों के बराबर है। धन्नो की कीमत अब तक 15 लाख रुपये तक लग चुकी है,लेकिन होशियार सिंह इसे बेचना नहीं चाहते। धन्नो अब तक साढ़े चार लाख रुपये के इनाम जीत चुके हैं।
प्रदेश सरकार की तरफ से तीन बार इनाम जीत चुकी है और 23 किलोग्राम प्रतिदिन दूध देती है। इसी प्रकार से लखो प्रतिदिन 24 किलोग्राम दूध देती है और अब तक इसकी कीमत 5 लाख 84 हजार रुपये लग चुकी है। वहीं कुरूक्षेत्र के बाबैन स्थित सुनारिया गांव निवासी कर्मबीर को मुर्राह नस्ल के पशुओं को पालने का शौक है। वह अपने तीन पशु लेकर पहुंचे। इसमें मुर्राह नस्ल का झोटा योगराज, उसका पुत्र युवराज और बहन गंगा शामिल है।
युवराज मुक्तसर में हुई आल इंडिया प्रतियोगिता में तीसरे स्थान पर रहा जबकि हिसार में हुई प्रतियोगिता में प्रथम स्थान पाया। योगराज की उम्र साढ़े छह साल तथा युवराज की उम्र साढ़े चार की है। अब तक दो माह में वह 12 लाख रुपये की सिमन बेच चुके हैं।
उनका कहना है कि बढिय़ा किस्म के पशु पालना उनका शौक है। दोनों पशुओं पर प्रतिदिन एक हजार रुपये का खर्च आता है और बढिय़ा खुराक दी जाती है। एक बार में 500 सिमन लिए जा सकते हैं और अब तक चार हजार सिमन लिए जा चुके हैं। बीबीपुर निवासी जसबीर की मोहिनी भी खास है। वह अढ़ाई माह की है और उसकी कीमत एक ऑल्टो कार से भी ज्यादा पांच लाख रुपये लगाई जा चुकी है।
सिंघवाखास निवासी राजेंद्र की भैंस की कीमत भी एक लाख 10 हजार रुपये लग चुकी है। वह प्रतिदिन 22 किलोग्राम दूध देती है। भिवानी के पैंतावास निवासी बिरखाराम ने प्रसिद्ध गोलू के लड़के को खरीदा था, जिसकी कीमत आज दो लाख 40 हजार रुपये है।













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