जाट आरक्षण की मंजिल अभी दूर

वहीं यूपी चुनाव की आचार संहिता के चलते केंद्र इस पर कोई फैसला लेने की स्थिति में भी नहीं है। पिछड़ा वर्ग आयोग ने आरक्षण की मांग से संबंधित पुरानी सुनवाई को ही अंजाम दिया है।
आयोग के चेयरमेन जस्टिस केसी गुप्ता ने भी इस आशय की पुष्टि की है। रेवाड़ी में आरक्षण के लिए प्रतिनिधित्व की अतिरिक्त व अगली सुनवाई होगी। उन्होंने कहा कि यह सुनवाई पूरी होने पर केंद्र सरकार की एजेंसी सेंटर आफ रिसर्च इन रूरल एंड इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट सर्वे करेगी। उन्होंने बताया कि आरक्षण के संदर्भ में आयोग की रिपोर्ट से पूर्व यह एजेंसी सोशियो-एजुकेशनल इकॉनोमिकल सर्वे करेगी।
एजेंसी को काम दे दिया गया है। हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त जज जस्टिस गुप्ता ने बताया कि माह-डेढ़ माह में यह एजेंसी रिपोर्ट सौंप देगी और फिर पिछड़ा वर्ग आयोग की रिपोर्ट केंद्र सरकार को जाएगी। केंद्र चाहे तो भी अपने तौर पर इस समय कोई फैसला संभव नहीं है। उत्तर प्रदेश चुनाव की आदर्श आचार संहिता के चलते सरकार अभी भी कुछ करने की स्थिति में नहीं है। इस विषय में बिजली मंत्री रणदीप सुरजेवाला से पूछा कि क्या उत्तर प्रदेश चुनाव में कांग्रेस पर इस आंदोलन का असर पड़ेगा तो उन्होंने इस पर कुछ भी कहने से इंकार कर दिया।
गौरतलब है कि आरक्षण के लिए कुल बारह जातियों के प्रतिनिधित्व को शामिल किया गया है। इन जातियों में बेशक जाट अग्रिम कतार में है। जट सिख, बिश्नोई, रोड़, त्यागी, ब्राण , अग्रवाल, पंजाबी खत्री, राजपूत व अन्य जातियों के प्रतिनिधित्व शामिल हैं। पिछड़ा वर्ग आयोग की रिपोर्ट तैयार होने में निश्चित तौर पर अभी समय लगेगा। कहा जा सकता है कि आरक्षण की मंजिल अभी दूर.. .. .. है।
8 मार्च से पहले नहीं मिल सकता आरक्षण -सांगवान
भिवानी। अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के प्रदेशाध्यक्ष पूर्व कमांडेंट हवासिंह सांगवान ने समिति के नेता यशपाल मलिक पर प्रदेश के जाटों को बरगलाने का आरोप लगाते हुए कहा है कि कहा कि 8 मार्च से पहले किसी भी हालत में आरक्षण की घोषणा नहीं हो सकती। इसीलिए उन्होंने 22 मार्च तक आंदोलन स्थगित किया था। उन्होंने कहा कि हरियाणा का पिछड़ा आयोग अगले महीने अपनी रिपोर्ट दे पाएगा तथा केंद्र में चुनाव आच��र संहिता लागू है। इन सभी बातों को मद्देनजर रखते हुए हमने सरकारों को 22 मार्च तक का समय दे रखा है।
यूपी पहुंची जाट आंदोलन की आग
जाट आंदोलन की आग उत्तर प्रदेश भी पहुंच गई है। अमरोहा में समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक ने कहा कि 23 फरवरी से काफूरपुर में भूख हड़ताल शुरू की जाएगी। समिति ने एक सप्ताह पहले ही काफूरपुर में 21 फरवरी को बैठक करने की घोषणा कर दी थी। जिला प्रशासन ने बैठक की अनुमति नहीं दी। मलिक ने कहा कि कांग्रेस की केंद्र सरकार ने जाटों को आरक्षण के नाम पर धोखा दिया है। लिहाजा हरियाणा से आंदोलन का बिगुल फूंक दिया गया है। आचार संहिता लागू होने के कारण आंदोलन की शुरुआत यहां से नहीं की गई।












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