बेहोशी की दवा इतनी सुंघा दी कि युवक की जान ही चली गई

परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन के दौरान नितिन सिंह (26) को एनस्थीसिया की ओवरडोज दे दी गई, इससे उसकी मौत हुई। परिजनों ने मंगलवार दोपहर पोस्टमार्टम न कराने को लेकर भी हंगामा किया। पुलिस ने लोगों को समझाकर पोस्टमार्टम कराया। पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की बात कह रही है।
पुलिस के अनुसार, नितिन 3/425, पठानपुरा, शाहदरा में रहता था। उसके परिवार में पिता सतीश सिंह, मां निशा देवी और भाई विपिन हैं। नितिन लाजपत नगर इलाके में प्राइवेट नौकरी करता था। गत 13 फरवरी को वह मौसी के लड़के अमित शर्मा के साथ दफ्तर से घर लौट रहा था। शकरपुर इलाके में एक हादसे में दोनों के हाथ में फ्रेक्चर हो गया। सोमवार को एलबीएस अस्पताल के डॉक्टरों ने दोनों को ऑपेरशन के लिए बुलाया था।
नितिन के मौसरे भाई सचिन ने बताया कि डॉक्टर पहले नितिन को ऑपरेशन के लिए ले गए। शाम को उन्हें बताया गया कि ऑपरेशन के दौरान नितिन को हार्ट अटैक आया है। उसे आईसीयू में शिफ्ट कर दिया गया। सचिन ने आरोप लगाया कि आईसीयू ले जाते समय नितिन के कान और नाक से खून आ रहा था। रात करीब 9:00 बजे डॉक्टरों ने नितिन को मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों का कहना था कि दिल का दौरा पड़ने से नितिन की मौत हुई।
इसकी खबर लगते ही अस्पताल में भारी भीड़ इकट्ठा हो गई और जमकर हंगामा किया। इस दौरान तोड़फोड़ भी हुई। सचिन का आरोप है कि एनस्थीसिया के ओवरडोज से नितिन की मौत हुई। पुलिस ने परिजनों को शांत किया। नितिन की मौत ने उसके पूरे परिवार को बुरी तरह तोड़ दिया है। हाथ के छोटे से ऑपरेशन के दौरान हार्ट अटैक की बात उनके गले नहीं उतर रही। नितिन की मां और पिता का रोते-रोते बुरा हाल है।
परिजनों के मुताबिक, कुछ माह बाद नितिन की शादी थी। घर में उसकी तैयारी भी चल रही थी। नितिन के मौसेरे भाई सचिन ने बताया कि हादसे में उसके हाथ में मामूली फ्रेक्चर था। डॉक्टरों का कहना था कि बेहोश करने के बाद ऑपरेशन कर दिया जाएगा। परिजनों ने दोपहर नितिन को सामान्य हालत में अस्पताल में दाखिल कराया था। बातचीत करते हुए वह ऑपरेशन थियेटर में गया था। मंगलवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।












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