पल में बेलगाम हो जाती हैं 'लेडी सिंघम'

Police
पटना। फिल्‍म सिंघम का यह डायलॉग 'माझी सटकेली' तो आपको याद ही होगा। जी हां ह‍म उसी डायलॉग की बात कर रहे हैं जिसे बोलने के बाद फिल्‍म का हीरो अजय देवगन पागल हो जाता है और गुंडों की धुनाई कर देता है। वर्तमान में वैसा ही गुस्‍सा, वैसा ही आग और वैसा ही विरोध बिहार की राजधानी पटना में देखने को मिल रहा है। यहां खाकी वर्दी वाली एक खातून लेडी सिंघम के नाम से मशहूर हैं। बात को ज्‍यादा ना घुमाते हुए सीधे शब्‍दों में आपको बता दें कि हम बात कर रहे हैं पाटना की एसपी सीटी मिस किम शर्मा की जो लेडी सिंघम की किरदार में जी रही हैं।

उल्‍लेखनीय है कि 'लेडी सिंघम' सबसे पहले एक लड़के के सिर पर मुक्का मारती हैं। उसी हाथ से जिस हाथ में मोबाइल दबाए हैं। पास में ही लड़के की मां खड़ी थी, मां को बेटे की पिटाई बर्दाश्त नहीं होती। लिहाजा वो सिटी एसपी से बस इतना ही पूछती है कि उसके बेटे को क्यों मार रही हो कि अचानक सिटी एसपी अपना आपा खो बैठती हैं। इसके बाद वो बेटे के सामने उसकी मां को थप्पड़ जड़ देती हैं। मां को इस थप्पड़ से इतना गुस्सा आता है कि वो भूल जाती है कि थप्पड़ एसपी सिटी ने मारा है। बस फिर क्या था, गुस्से में वो भी एसपी सिटी किम पर हाथ उठा देती है।

मां का हाथ उठाना था कि एसपी सिटी का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच जाता है। अब दोनों लगभग एक-दूसरे का बाल पकड कर ऐसे लड़ने लगती हैं मानों ये पुलिस पब्लिक की लड़ाई नहीं बल्कि दो औरतों या सास-बहू का झगड़ा हो। इस बीच मां को अपने सामने थप्पड़ खाता देख बेटा भी बर्दाश्त नहीं कर पाया। साथ में बहुत से पुलिस वाले भी वहां खड़े थे। वो भी दोनों की इस हरकत से सकपका गए। बाद में किसी तरह पुलिसवालों ने एसपी सिटी और और उस महिला को अलग किया। इसके बाद मां बेटे को मौके से दूर ले जाया गया।

आईए अब आपको पूरी कहानी बताते हैं। हुआ यूं कि पटना के कंकड़बाग इलाके में सोमवार शाम करंट लगने से दो लड़कों की मौत हो गई। दोनों युवकों पर हाईटेंशन तार टूट कर गिर पड़ा था। इसी के बाद इलाके के लोग प्रशासन की लापरवाही को लेकर गुस्‍से में भड़क उठे थे। स्‍थानीय लोग तोड़फोड़ और आगजनी पर उतारु हो चुके थे।

हमेशा की तरह मौके को काबू करने के लिये पुलिस पहुंची। पुलिस के साथ ही साथ आला अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। पुलिस के आला अधिकारी ने मौके पर काबू पाने के लिये लाठी भांजने के आदेश दे दिये। बस क्‍या था एसपी सीटी मिस किम भी वहां पहुंच गईं। मामला लापरवाही से मौत का था। लोग गुस्से में थे पर गुस्से में हिंसा को जायज़ नहीं ठहराया जा सकता। ज़ाहिर है लोगों की गलती भी थी पर ऐसे हालात से निपटने के लिए हमेशा पुलिस को संयम बरतने की सलाह और ट्रेनिंग दी जाती है। लेकिन शायद सिटी एसपी साहिबा गुस्से में ये सबक़ भूल गई थीं। पुलिस से बात करने अनिमेष नामक एक युवक मिस किम के पास गया। गर मिस किम इतने गुस्‍से में थी कि उन्‍होंने उसकी पिटाई कर दी। इसका विरोध करने पर मिस किम ने युवक की मां को धुन दिया।

पाठकों से एक सवाल

एसपी सीटी पटना मिस किम ने जो कुछ भी किया वह किस हद तक सही है? नीचे दो सवाल हैं जिसका जबाब हम आपसे जानना चाहते हैं। आप अपना जबाव हमतक पहुंचाने के लिये नीचे दिये गये कमेंट बाक्‍स में लिख सकते हैं। आपके जबाब का हमें इंतजार रहेंगा।

क्या यूं किसी को सरेआम थप्पड़ मारना सही है?

क्या किसी बुज़ुर्ग महिला पर हाथ उठाना जायज़ है?

गुस्से में हिंसा किस हद तक जायज है?

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