घोटालों की जांच में सीबीआई की मदद करेंगे वित्तीय विशेषज्ञ

अधिकारियों को धोखाधड़ी का अनुमान लगाने तथा अन्य वित्तीय अनियमितताओं का पता लगाने में दिक्कतें आ रही हैं। ऐसा समझा जाता है कि डीओपीटी ने सीबीआई को इस बारे में सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है और अस्थायी आधार पर कुछ अधिकारियों को शामिल करने की तलाश जारी है। मामले से जुड़े एक सूत्र ने बताया, अधिकारियों को कुछ वित्तीय मामलों के निपटाने में दिक्कत हो रही है। शेयर होल्डिंग प्रतिरूप तथा बही-खातों में विसंगतियों का पता लगाने में अधिकारियों को कठिनाई हो रही है, इसीलिए कुछ अधिकारियों को प्रतिनियुक्ति पर शामिल करने का निर्णय किया गया है।
सूत्र ने कहा कि ऑडिट एंड एकाउंट्स सेवा के अधिकारियों को भी प्रतिनियुक्ति के आधार पर लिया जा सकता है। जांच एजेंसी वित्तीय धोखाधड़ी मामलों की जांच में आमतौर पर बैंकिंग प्रतिभूति तथा धोखाधड़ी प्रकोष्ठ तथा आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ के अधिकारियों की मदद लेती है। चूंकि ईओडब्ल्यू तथा बीएस एंड एफसी के अधिकारी अन्य मामलों की जांच में व्यस्त हैं, ऐसे में सीबीआइ, अस्थायी आधार पर आईआरएस अधिकारियों को सेवा लेने की योजना बना रही है। जांच एजेंसी एक महीने के भीतर कम से कम तीन आईआरएस अधिकारियों की सेवा ले सकती है। 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन में विसंगतियों और अन्य बैंक धोखाधड़ी के मामलों सहित सीबीआई कुछ महत्वपूर्ण मामलों की जांच कर रही है।












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