लाखों लोगों को राहत ,न्यूनतम पेंशन एक हजार

ऑल इंडिया ट्रेड इंडिया कांग्रेस सेक्रेट्री डीएल सचदेव ने कहा कि ईपीएफओ की निर्णय लेने वाली सर्वोच्च संस्था सीबीटी इस महीने होने वाली बैठक में अंशदाताओं के लिए न्यूनतम पेंशन एक हजार रुपये प्रति माह तय कर सकती है। उन्होंने कहा कि 22 फरवरी को होने वाली सीबीटी की बैठक के एजेंडे में यह प्रस्ताव शामिल है। सचदेव ईपीएफओ के ट्रस्टी भी हैं। उन्होंने कहा कि बैठक में सीबीटी अपने 4.72 करोड़ अंशदाताओं के लिए बैंक पासबुक की तरह ही कांट्रीब्यूशन कार्ड जारी करने के प्रस्ताव पर विचार विमर्श करेगी। जिसे एक अप्रैल से हर महीने अपडेट किया जाएगा। ईपीएफओ की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक 31 मार्च, 2010 तक इस संस्था के पास 35 लाख पेंशनभोगी थे।
इनमें से 14 लाख लोगों को 500 रुपये से भी कम की मासिक पेंशन मिलती है। हर महीने एक हजार रुपये पेंशन पाने वाले लोगों की तादाद तकरीबन सात लाख है। ईपीएफओ के आंकड़ों के मुताबिक कुछ लोगों को 12 और 38 रुपये तक की मासिक पेंशन भी मिलती है। उन्होंने कहा कि पेंशन राशि को एक हजार रुपये बढ़ाने के लिए अंशदाताओं के पेंशन खाते में मूल वेतन और डीए के 0.63 फीसदी के बराबर अतिरिक्त योगदान की जरूरत होगी। अभी कर्मचारियों को पेंशन खाते में 8.33 फीसदी का योगदान करना पड़ता है और इसमें सरकार की ओर से 1.16 फीसदी का योगदान किया जाता है।












Click it and Unblock the Notifications