महिलाओं को टॉयलेट नहीं, मोबाइल चाहिए: जयराम रमेश

अब महिलाए मोबाइल फोन की मांग करती है टॉयलेट्स की नहीं। भारत का यह बहुत बड़ा दुर्भाग्य है कि देश में 70 करोड़ मोबाइल फोन है जबकि 60 प्रतिशत लोग खुले में टॉयलेट्स जाते है। एशिया पैसेफिक के लिए संयुक्त राष्ट्र के आर्थिक और सामाजिक आयोग (एस्केप) की ओर से विकास लक्ष्य जारी करते हुए रमेश ने कहा कि साफ सफाई हमारे देश का काफी जटील मुद्दा है। अब महिलाओं की मांग मोबाइल को लेकर ज्यादा है टॉयलेट्स को लेकर नहीं।
महिलाओं के ऊपर की गयी यह टिप्पणी कई लोगो को उनके विरोध में बोलने का मौका दे दिया। साथ ही उन्होनें यह भी यार दिलाया कि मध्य प्रदेश के बैतूल की अनीता ने ससुराल में शौचालय की सुविधा नहीं होने पर अपने पति का घर छोड़ दिया था और आखिरकार टॉयलेट बनने के बाद ही वापस आई। उसके इस साहसिक कदम के लिए उसको पांच लाख का इनाम और डीएम ने उसे स्वच्छता जागरूकता कार्यक्रम का ब्रांड ऐंबैसडर भी बनाया है। उन्होंने कहा कि देश के 60 प्रतिशत आबादी खुले में शौच करती है।












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