बच गए कुरुबिला, लेकिन चेतावनी भी मिली

गुलाटी लगवाने अतिरिक्त पुलिस आयुक्त कुरूबिला को दिल्ली हाईकोर्ट ने राहत प्रदान कर दी है। यही नहीं कोर्ट ने मामले में सिपाही की ही प्रथम दृष्टया गलती मानी है। हाईकोर्ट के कार्यकारी मुख्य न्यायमूर्ति एके सीकरी और न्यायमूर्ति राजीव सहाय एंडलो की खंडपीठ ने अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त को राहत प्रदान कर दी। अदालत ने यह भी कहा कि सिपाही अपनी ड्यूटी पर तत्पर नहीं था जबकि पटियाला हाउस कोर्ट सुरक्षा की दृष्टि से अति संवेदनशील माना जाता है।
हालांकि अदालत ने यह भी कहा कि जिस कानून के तहत सिपाही को सजा दी गई उसे भविष्य में न दोहराया जाए इसका ख्याल रखें। दरअसल पटियाला हाउस कोर्ट में ड्यूटी पर तैनात कांस्टेबल अपने मोबाइल पर बात कर रहा था। तभी अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त कुरूबिला कोर्ट में आए। उन्होंने जवान को ड्यूटी पर लापरवाही करते देखा और उस पर भड़क गए। उन्होंने उसे अदालत में ही सबके सामने गुलाटी लगवाया।
जिसे मौके पर मौजूद कुछ लोगों ने मोबाइल से वीडियो फुटेज तैयार कर लिया। घटना टीवी पर प्रसारित होने पर दिल्ली हाईकोर्ट ने मामले को संज्ञान में लिया था। गौरतलब है अदालत ने पुलिसआयुक्त और आरोपी कुरूबिला को नोटिस जारी कर स्पष्ट करने का निर्देश दिया था कि क्यों न उसके खिलाफ अदालत की अवमानना कार्रवाई शुरू की जाए।
कुरूबिला ने दिनेश के फोन पर बात करने व सैल्यूट न मारने से खफा होकर उसकी वर्दी पर लगे बैज को फाड़ दिया था।कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश एके सीकरी और न्यायमूर्ति राजीव सहाय एंडलो की खंडपीठ ने पुलिस आयुक्त को पूरे घटनाक्रम की जांच करवाकर कुरूबिला के खिलाफ कार्रवाई कर प्रगति रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया था। खंडपीठ ने समाचार पत्र में छपी खबर पर संज्ञान लेते हुए यह निर्देश दिए थे।












Click it and Unblock the Notifications