राहुल गांधी सपरिवार वोट की भीख मांग रहे हैं: उमा
बारी-बारी से दोनों बच्चों ने किसी राजनेता के अंदाज़ में हाथ उठाया और लोगों का अभिवादन किया। लेकिन प्रियंका और राहुल के प्रचार में बच्चों का आना शायद विरोधी दलों को पसंद नहीं आ रहा। यूपी के पॉलिटिकल ड्रामे में यह नया चेप्टर है। उमा भारती ने कहा है कि राहुल हमें भिखारी कहते हैं, क्योंकि वह मज़दूरों और भिखारियों में अंतर को नहीं समझते। मज़दूर पैसा कमाने के लिए कड़ी मेहनत करते हैं।
भीख मांगना उसे कहते हैं, जो प्रियंका अपने दो बच्चों के साथ कर रही हैं। बच्चा पार्टी पर बात बढ़ी है, तो अब कहां थमनेवाली है। उमा भारती ने आगे कहा कि क्या यह वही प्रियंका हैं, जो अपने बच्चों की निजता के लिए अदालत गई थीं और गुहार लगाई थीं कि उनके बच्चों की फ़ोटो सार्वजनिक नहीं होनी चाहिए, न ही किसी अख़बार में छपनी चाहिए? आज वह अपने बच्चों के साथ सड़क पर खड़ी हैं और वोट की भीख मांग रही हैं।
यह गांधी परिवार की तंगहाल राजनीतिक स्थिति को और वोट हासिल करने की निराशा को दिखाता है कि जिसके लिए प्रियंका ने अपने बच्चों तक को आगे कर दिया है। यह सियासत है, यहां किसी को नहीं बख़्शा जाता। यूपी के युद्ध में अगर प्रियंका गांधी अपने बच्चों को लेकर प्रचार में जा रही हैं, तो कहा जा रहा है कि उन्हें राजनीति का ककहरा सिखाया जा रहा है और जब प्रियंका से इस बारे में सवालात किए जाते हैं, तो उन्हें ग़ुस्सा आ जाता है।
भले ही प्रियंका इसे दूसरे नज़रिए से देखें, लेकिन विरोधी दलों का नज़रिया सियासी है और बच्चा पार्टी पर बीजेपी का हमला रुकता नहीं। प्रियंका और राहुल धुआंधार रैलियां कर रहे हैं। अब वह साथ-साथ सभाएं कर रहे हैं और शायद यह तमाम हमलों का असर ही है, जो प्रियंका के साथ अब रेहान और मिराया नहीं दिखते।













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