13 इफेक्ट- कहीं आईएम ने तो नहीं किया दिल्ली कार ब्लास्ट

अब तक की खबरों से यह साफ हो गया है कि राजधानी में संसद भवन से महज दो किलोमीटर दूर और प्रधानमंत्री आवास के पास इजराइली दूतावास की कार में हुआ धमाका पूरी तरह योजनाबद्ध तरीके से किया गया। इजराइली प्रधानमंत्री ने इस हमले के पीछे अपने देश के आतंकी संगठन हिज्बुल्ला का हाथ होने का शक जाहिर किया है, लेकिन इसके पीछे इंडियन मुजाहिद्दीन के हाथ होने से भी इनकार नहीं किया जा सकता।
आप सोच रहे होंगे कि अचानक यह बात कहां से आ गई। तो वो ऐसे कि सोमवार को इस महीने की 13 तारीख थी। और भारत में इंडियन मुजाहिद्दीन एक ऐसा संगठन है, जो आतंकी घटनाओं को ज्यादातर 13 या 26 (13X2=26) तारीखों पर ही अंजाम देता हैं। चूंकि हिज्बुल्ला के लड़ाके भारत से एकदम अनजान हैं, जो भारत के बारे में ज्यादा कुछ नहीं जानते। लिहाजा बिना किसी भारतीय के सहयोग के इस प्रकार की वारदात को अंजाम देना नामुमकिन था।
लिहाजा यह तो पक्का है कि चाहे यह धमाका किसी विदेशी संगठन ने कराया हो, या कि सी देशी संगठन ने, लेकिन धमाका हुआ पूरी योजना के साथ हुआ है। यहां पर हिजबुल्ला की मदद करने में आईएम का हाथ होने की संभावना इसलिए नजर आ रही है, क्योंकि इस संगठन ने ज्यादातर वार्ताओं 13 तारीख ही चुनी है।
भारत में अब तक आईएम द्वारा किये गये आतंकी हमले
13 दिसम्बर 2001- देश के संसद पर आतंकी हमला, 12 लोगों की मौत
26 मई 2007- गोवाहटी में बम विस्फोट, 6 लोगों की मौत
13 मई 2008- जयपुर में बम धमाका, 68 लोगों की मौत
26 जुलाई 2008- अहमदाबाद में सिलसिलेवार बम धमाकों में 57 लोगों की मौत
13 सितम्बर 2008- दिल्ली में हुए सीरियल बम धमाकों में 26 लोगों की मौत
26 नवम्बर 2008- मुंबई आतंकी हमले में 166 लोगों की मौत
13 फरवरी 2010- पूणे में हुए बम ब्लास्ट में 17 लोगों की मौत
13 दिसम्बर 2004- असम के विधानसभा के बाहर धमाके में 2 लोगों की मौत
इन सभी वारदतों को गौर से देखें तो आज की घटना में भी आईएम के हाथ होने की आशंका नजर आ रही है। खैर छानबीन का काम दिल्ली पुलिस का है और वो इसे मुस्तैदी से कर भी रही है। लेकिन अगर हिजबुल्ला के तार वाकई में भारत से जुड़ चुके हैं, तो देश के लिए यह बहुत बड़े खतरे की घंटी है।
पढ़ें- इंडियन मुजाहिद्दीन के 13 का तिलिस्म












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