मायावती बोलीं- लालच में मत आयें हाथी के साथी

उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग की दहशत से विपक्षी दल उन्हें खुलेआम तो लालच नहीं देंगे लेकिन चोरी छिपे लालच देकर भ्रमित कर सकते हैं इसलिए उन्हें किसी के बहकावे में न आकर हाथी का साथी बनकर ही रहना है। उन्होंने कहा कि इस बार सरकार बनी तो यह अधूरा लक्ष्य पूरा होगा।
प्रदेश के सुलतानपुर और छत्रपति शाहूजी महाराजनगर (अमेठी) की संयुक्त चुनावी सभा को सम्बोधित करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश में फिर से उनकी सरकार बनने पर किसानों, छात्रों और आम आदमी की मुख्य समस्याएं दूर होगी। बिजली चौबीस घंटे उपलब्ध करायी जाएगी तथा सभी गांवों का विकास होगा। उन्होंने कहा कि यह वहीं कांग्रेस है जो चालीस सालों के शासन में गरीबी तक दूर नहीं कर पायी, अब जनता से पांच साल मांग रही है।
उन्होंने कहा कि अमेठी गांधी परिवार की कर्मस्थली है और यहां भी वह विकास नहीं हुआ जो होना चाहिए था। यदि यहां विकास हुआ होता तो राहुल को आज घर-घर न जाना पड़ता और न ही परिवार को यहां डेरा डालना पड़ता जबकि वह यहीं से सांसद हैं। मायावती ने कहा कि विकास नहीं होने की वजह से ही उन्हें यहां नुक्कड़ नाटक करना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि अमेठी के कारखाने बन्द पड़े हैं। इस क्षेत्र में बन्द उद्योगों को चालू करने के लिए प्रदेश ने केन्द्र से पांच सौ करोड़ रुपये का पैकेज मांगा था लेकिन नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में जो विकास दिखायी दे रहा है वह राज्य सरकार ने अपने संसाधनों से किया है। अगले पांच सालों में सभी गांवों को विकसित करने का वादा दोहराते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेसनीत केन्द्र सरकार के कार्यकाल में अब तक 64 घोटाले हुए हैं।
कांग्रेस प्रदेश के लोगों को भिखारी कहती है और वह खुद इन्हीं भिखारियों से वोट मांग रही है। उन्होंने कहा कि सूबे में सपा की सरकार बनी तो गुण्डई चरम पर होगी। महिलाओं का घर से निकलना दूभर हो जाएगा और भाजपा आयी तो साम्प्रदायिकता को बढ़ावा मिलेगा। अपनी सरकार की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए मायावती ने कहा कि उनका लक्ष्य एक करोड़ लोगों को रोजगार देना था किन्तु 23 लाख लोगों को ही यह अवसर दे सकीं।












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