मासूम फलक की हालत स्थिर, भाई नहीं मिला

पुलिस को फलक का बड़ा भाई अभी तक नहीं मिला है। इलाज कर रहे न्यूरो सर्जन डॉ. दीपक अग्रवाल का कहना है कि फलक जिंदगी के लिए काफी संघर्ष कर रही है। यह संघर्ष इसलिए सफल हो रहा है क्योंकि वह कुपोषण का शिकार नहीं है।
दस डॉक्टरों की टीम तीन सप्ताह से फलक की निगरानी में जुटी हुई है। हालांकि, सिर में कई गंभीर चोट लगने से उसकी आकृति बिगड़ी हुई है। दांत काटने के कई निशान हैं। आठ दिनों में ज्यादा कारगर एंटीबायोटिक देने से संक्रमण दूर करने में कामयाबी मिल रही है। सोमवार से सिर से निकलने वाले द्रव को रोकने के लिए एंटीबायोटिक दी जा रही है जो सफल हो रहा है। ताजा कल्चर रिपोर्ट से यह बात सामने आई है कि रक्त और छाती का संक्रमण नहीं फैल रहा है।
दक्षिण जिला पुलिस की तफ्तीश में यह सनसनीखेज खुलासा हुआ है कि आरोपियों ने मुन्नी और हरपाल के सात फेरे ही नहीं कराए थे। सिर्फ वर माला पहनवाकर दोनों की शादी कराई गई थी। ऐसे ही दूसरे जोड़े सुनीता और सुनेश (परिवर्तित नाम) के साथ हुआ था। इन्होंने बारातियों को भी बारात में शामिल नहीं होने दिया था और शादी नहीं देखने दी।
पुलिस की नजर से बचने के लिए आरोपियों ने बहुत ही गोपनीयता बरती थी। शादी से खुश हरपाल ने एक दिन पहले 30 अगस्त को पूरे गांव को प्रीतिभोज दिया था। इसमें 700 से ज्यादा लोग शामिल हुए थे। दक्षिण जिला डीसीपी छाया शर्मा का कहना है कि अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए राजस्थान पुलिस से सहायता मांगी गई है। वहीं मामले में राजस्थान पुलिस ने एक व्यक्ति को उठाया है।
पुलिस के अनुसार हरपाल और सुनेश दोनों झुंझुनू (राजस्थान) में पास-पास स्थित गांव के रहने वाले हैं। गिरोह सरगना अमर सिंह भी इनके गांव का है। हरपाल की बारात में करीब दो दर्जन लोग शामिल हुए थे। हरपाल के गांव से बारात सुनेश के गांव गई। सुनेश की बारात में भी करीब दो दर्जन थे। दोनों बारातें साथ-साथ रोहतक आई थी।
बारात को राजस्थान और हरियाणा बार्डर पर एक होटल में ठहराया गया था। बारातियों को यह कहा गया कि लड़कियां नाबालिग हैं और उनके कुछ रिश्तेदारों ने पुलिस में इसकी शिकायत की है। ऐसे में वह शादी समारोह स्थल पर नहीं जा सकते। इसके बाद अमर सिंह, कांता चौधरी समेत अन्य आरोपी हरपाल और सुनेश को रोहतक स्थित सरोज के घर ले गए। दोनों दूल्हों को अलग-अलग कमरे में बैठाया गया और वरमाला डलवाकर शादी करवा दी गई।
इसमें मुश्किल से आधा घंटे से कम का समय लगा फिर बारात रवाना कर दी गई। वहीं शादी से हरपाल और उसका पिता बहुत खुश थे। शादी से एक दिन पहले इन्होंने 30 अगस्त को पूरे गांव को प्रीतिभोज दिया था। 29 अगस्त को सरोज और अमर सिंह हरपाल के घर लगन लेकर गए थे। लगन चढ़ाने से पहले आरोपियों ने हरपाल के पिता से दो लाख रुपये ले लिए थे।
पुलिस को फलक का बड़ा भाई अभी तक नहीं मिला है। दक्षिण जिला डीसीपी छाया शर्मा का कहना है कि आरोपियों की तलाश की जा रही है। साथ ही फलक के भाई की बरामदगी के लिए पुलिस टीमें जगह-जगह दबिशें दे रही हैं। वहीं फलक को एम्स में भर्ती कराने वाली 16 वर्षीय किशोरी को देह व्यापार में धकेलने वाले दो आरोपियों राणा गुप्ता और राहुल को संगम विहार पुलिस ने गिरफ्तार किया है।












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