फलक की मां मिली, बहन का भी पता चला, भाई दिल्ली में

एम्स में भर्ती नन्ही फलक को उसकी मां मिल गई है। मां मुन्नी खातून (25) ने फोटो देखकर बच्ची की पहचान कर ली है। पति की आपराधिक प्रवृति के कारण मुन्नी संगठित गिरोह के कब्जे में आ गई थी। महिलाओं द्वारा संचालित इस गिरोह ने पहले मुन्नी पर वेश्यावृति करने का दबाव बनाया। मुन्नी ने मना कर दिया तो गिरोह के लोगों ने राजस्थान में एक युवक से दो लाख 70 हजार रुपये लेकर मुन्नी की शादी करा दी। आरोपियों ने मुन्नी के बच्चे अपने पास रख लिए थे। उसे झांसा दिया गया था कि शादी में कोई बाधा न हो, इसके लिए यह जरूरी है। बच्चे बाद में सौंप दिए जाएंगे। शादी के बाद इन्होंने मुन्नी पर पति के घर में चोरी करने का भी दबाव बनाया था। वसंत कुंज थाना पुलिस ने लक्ष्मी और कांता चौधरी नामक दो महिलाओं को गिरफ्तार किया है।
महिला सरोज समेत कई लोगों की तलाश है। पुलिस अफसरों का कहना है कि इससे मानव तस्करी के बड़े गिरोह का पर्दाफाश हो सकता है, जोकि राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली और बिहार में सक्रिय है। दक्षिण जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार, बिहार के मुजफ्फरपुर निवासी मुन्नी का पति मो. शाह हुसैन आपराधिक प्रवृति का है। मुन्नी के लिए दो बेटियों और एक बेटे को पालना कठिन हो रहा था। मोबाइल के जरिये वह मुजफ्फरपुर में युवक शंकर के संपर्क में आई। शंकर ने प्यार का नाटक कर उसे शादी करने का झांसा दिया। शंकर ने उत्तमनगर में रहने वाली लक्ष्मी को अपनी बहन बताकर मुन्नी से मिलवाया। लक्ष्मी ने भी मुन्नी से शंकर के साथ शादी करने की बात कही। एक दिन लक्ष्मी मुजफ्फरपुर जाकर मुन्नी को ले आई।
लक्ष्मी ने बड़ी बेटी (4) को वहीं छुड़वा दिया। लक्ष्मी ने मुन्नी को दिल्ली में कुछ दिन अपने घर रखा। मुन्नी की लाचारी का फायदा उठा उसने वेश्यावृत्ति करने का दबाव बनाया। मुन्नी ने इनकार कर दिया तो लक्ष्मी ने हरियाणा निवासी सरोज और राजस्थान निवासी कांता चौधरी के जरिये झुंझुनू, राजस्थान निवासी युवक हरपाल से शादी करा दी। मुन्नी को अविवाहित बताया गया था।
मुन्नी ने शादी के बाद सारी बात पति हरपाल को बताई। इस बात पर पंचायत भी हुई थी, पर समाज की इज्जत के नाम पर मामले को दबा दिया गया। शादी के बाद मुन्नी ने बच्चे मांगे तो आरोपियों ने उससे हरपाल के घर में चोरी कर भाग जाने की बात कही। पुलिस ने कांता को कोठपुतली, राजस्थान और लक्ष्मी को दिल्ली से गिरफ्तार किया है। पुलिस टीमें राजस्थान, हरियाणा, बिहार, महाराष्ट्र और दिल्ली में दबिश दे रही हैं।
एम्स में भर्ती फलक की बड़ी बहन सीमा (बदला हुआ नाम) भी मिल गई है। करीब चार वर्षीय सीमा को लेकर दिल्ली पुलिस के मंगलवार सुबह तक यहां पहुंचने की संभावना है। फोटो के जरिये मुन्नी खातून ने बड़ी बेटी की पहचान कर ली है। बिहार के मुजफ्फरपुर में जिस व्यक्ति के घर सीमा मिली है, वह दबिश से पहले फरार हो गया था। लक्ष्मी जब मुन्नी को बिहार से लाई थी तो सीमा को गुड्डू नामक व्यक्ति के पास छोड़ दिया था। पुलिस मुन्नी के तीनों बच्चों को बेचने के दृष्टिकोण से भी जांच कर रही है। फलक का भाई (5) भी दिल्ली में किसी युवक के पास है।
दक्षिण जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार, फलक के बड़े भाई करीम (बदला नाम) को मुजफ्फरपुर के गांव (जहां मुन्नी रहती थी) में कुत्ते ने काट लिया था। मुन्नी टीके लगवाने के लिए ट्रेन से करीम को मुजफ्फरपुर ले जाती थी। सफर के दौरान उसे मुजफ्फरपुर रेलवे स्टेशन पर शंकर मिला था। यहां शंकर ने उसका मोबाइल लिया और अपने मोबाइल पर मिस कॉल कर ली। इसके बाद वह मुन्नी को फोन कर प्यार का नाटक करने लगा। उसने शादी का झांसा देकर मुन्नी को लक्ष्मी के हाथ सौंप दिया। आरोपियों ने मुन्नी की शादी रोहतक में की। सरोज यहीं की रहने वाली है। शादी के दौरान सरोज मुन्नी की मां बनी और कांता चौधरी मौसी। पिता का देहांत होने की बात कही गई थी। शादी में काफी संख्या में लोग जमा हुए थे। दूल्हा हरपाल बारात लेकर आया था। शादी के दौरान बनी अलबम पुलिस ने बरामद कर ली है।












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