चड्ढा के ठिकानों पर छापेमारी माया के आर्थिक सत्ता का पतन

आगे की बात करने से पहले माया राज के इस सरदार (पोंटी चड्ढा) के अबतक की सफर पर एक नजर डालते हैं। प्रदेश की आर्थिक व्यवस्था को राहू की तरह निगल जाने वाले पोंटी चड्ढा उर्फ गुरप्रीत सिंह का नाम व्यवसाइयों के लिये ही नहीं बल्कि मंत्रियों और नौकरशाहों के लिये भी भगवान के नाम जैसा था। लिकर किंग के नाम से मशहूर पौंटी ने पीछले 5 सालों में एक एक करके हर व्यवसाय में अपनी गहरी पैठ बना ली थी।
पौंटी ने मुरादाबाद से अपना सफर शुरु किया था। मुरादाबाद में छोटे से शराब की दुकान से पौंटी ने सूबे के शराब कारोबार, मल्टीप्लेक्स, रीयल स्टेट, फिल्म इंडस्ट्री तक पहुंच गया। उसने अपने कारोबार से मुख्यमंत्री मायावती को इस कदर प्रभावित कर रखा था कि उन्होंने कई हजार करोड़ों की चीनी मिल पौंटी को महज 200 करोड़ में दे दिया। खास बात यह है कि पौंटी के खासमखास भी उनकी निजी जिंदगी के बारे में ज्यादा नहीं जानते।
वनइंडिया ने जब वेब सिनेमा जाकर वहां के मैनेजर के कुछ खास लोगों से बातचीत की तो पता चला कि चड्ढा तो दुबई में हैं। उनके खासमखास का कहना है कि सर जैसे ही आयेंगे सबकुछ ठीक हो जायेगा। खैर चड्ढा के जीवन में कुछ भी ठीक हो या ना हो मगर मायावती और उनके करीबी नसीमुद्दीन के लिये कुछ भी ठिक नहीं होने वाला है। मालूम हो कि पिछले पांच सालों में मायावती की शह पर आबकारी मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी की मदद से चड्ढा ने हजारों करोड़ रुपये की काली कमाई की है और अब इसके तार उत्तर प्रदेश चुनाव से जुड़ते नज़र आ रहे हैं।












Click it and Unblock the Notifications