लोकशाही या तानाशाही, कयान-गिलानी की मुलाकात के बाद फैसला

इस बैठक के बाद शायद इसके बारे में कुछ संकेत मिल जाएं कि पाकिस्तान में लोकशाही रहेगी या फिर वहां एकबार फिर तानाशाही यानिकि सेना का शासन लागू हो जाएगा। पिछले कई दिनों से पाकिस्तान में तख्तापलट के हालात पैदा हो गए हैं। जब से पाकिस्तानी प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी ने रक्षा सचिव को बर्खास्त किया है तब से सेना और सरकार आमने-सामने आ गई हैं।
गिलानी ने सेना प्रमुख कयानी और आईएसआई चीफ पाशा पर देश के संविधान के खिलाफ काम करने का आरोप भी लगाया था। जिसे गंभीरता से लेते हुए सेना ने कड़ा विरोध जताया था। गिलानी ने इसके लिए संसद का विशेष सत्र भी बुलाया था। इस दौरान उन्होंने सभी दलों से देश में लोकतंत्र को बचाने की भी अपील की थी।












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