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सलाखों के पीछे से अपनी सियासी बिसात बिछाते उम्‍मीदवार

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लखनऊ। उत्‍तर प्रदेश में विधानसभा चुनावों की उल्‍टी गिनती शुरु हो गई है। सभी राजनीतिक पार्टियां और उम्‍मीदवार वोटरों को लुभाने और चुनावी रणनीति बनाने में जुटे हुए हैं। वहीं 6 उम्‍मीदवार ऐसे हैं जो सलाखों के पीछे से अपनी सियासी बिसात बिछा रहे हैं। इस मामले में यूपी का पूर्वांचल इलाका सबसे आगे है। क्षेत्र में मतदाताओं के सामने इस बार कड़ी चुनौती होगी कि वे चुनें भी तो किसे चुनें क्‍योंकि कुछ सीटें तो ऐसी हैं जहां आपराधिक पृष्ठभूमि वाले उम्मीदवारों में से ही किसी एक का चयन करना होगा।

आपको बताते चलें कि मुन्‍ना बजंरगी, बृजेश सिंह, अतीक अहमद और मुख्‍तार अंसारी जैसे आपराधिक पृष्ठभूमि के बहुत से उम्‍मीदवार इस बार चुनावी समर में है। चंदौली की सैयदराजा सीट से मुख्तार अंसारी कौमी एकता दल और बृजेश सिंह प्रगतिशील मानव समाज पार्टी के टिकट पर मैदान में हैं। बृजेश सिंह इस समय जेल में हैं, इसलिए उसके प्रचार का जिम्मा सहयोगियों ने सम्भाल रखा है। बृजेश सिंह पकड़ी नरसंहार से लेकर मुम्बई के जेजे हत्याकांड में भी आरोपी हैं।

अपराध की दुनिया की बादशाहत की दौड़ में एक और कुख्‍यात नाम प्रेम प्रकाश सिंह उर्फ मुन्‍ना बजरंगी अपना दल के टिकट पर जौनपुर के मडियाहूं विधानसभा क्षेत्र से मैदान में हैं। बजरंगी पर भाजपा विधायक कृष्‍णानंद राय सहित 10 से ज्‍यादा लोगों की हत्‍या का आरोप है। बजरंगी फिलहाल तिहाड़ जेल में बंद ह‍ैं लेकिन उनके समर्थक क्षेत्र में जोर-शोर से प्रचार-प्रसार कर रहे हैं।

अपना दल से एक और आपराधिक पृष्ठभूमि वाले उम्मीदवार अतीक अहमद इस विधानसभा चुनाव में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं, जो दर्जनभर मामलों में आरोपी हैं। मुख्तार अंसारी भी अपराध की दुनिया का एक बड़ा नाम है, जो सियासी चोला पहनने में पहले ही कामयाब रहा है। इस बार भी वह मऊ से कौमी एकता दल के उम्मीदवार हैं। भाजपा विधायक कृष्णानंद राय की हत्या के अलावा उनके खिलाफ भी कई दर्जन मामले चल रहे हैं और फिलहाल वह जेल में हैं।

कई अन्य माफिया भी चुनावी समर में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। बसपा सरकार के मंत्री नंदगोपाल नंदी पर जानलेवा हमला करने के आरोपी भदोही के विधायक विजय मिश्र को समाजवादी पार्टी (सपा) ने एक बार फिर टिकट दिया है। कई मामलों में जेल जा चुके पूर्व विधायक गुड्डू पंडित को भी सपा ने डिबाई विधानसभा से टिकट दे दिया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पार्टी कार्यकर्ताओं के उत्पीड़न की अनदेखी करते हुए प्रेम नारायण पांडे को तरबगंज विधानसभा से उम्मीदवार बनाया है।

पांडे पर तो भाजपा के ही जिलाध्यक्ष की हत्या कराने तथा पार्टी के कई पदाधिकारियों पर जानलेवा हमले करवाने का आरोप है। 'नेशनल इलेक्शन वॉच' की ओर से पिछले दिनों जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश की राजनीतिक पार्टियों ने अब तक 617 सीटों के लिए प्रत्याशियों की घोषणा की है, जिनमें कम से कम 77 उम्मीदवारों के खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, अपहरण और डकैती जैसे संगीन आरोप हैं।

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English summary
With major political parties shying away from giving them tickets for UP Assembly polls 2012, lesser- known political outfits have become a hot favourite of listed gangsters and those having a criminal past.
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