उत्तराखंड में वोटिंग तिथि बढ़ाने पर विचार कर रहा है आयोग
पर सूत्रों का कहना है कि चुनाव की तिथि आगे बढ़ाने के विकल्प पर आयोग ने विचार करना शुरू कर दिया है। राज्य में वोटिंग की तिथि 30 जनवरी से बढ़ाकर 10 फरवरी करने को लेकर भाजपा पहले ही मांग कर चुकी है। इस मुद्दों को लेकर चुनाव आयुक्तों और उप चुनाव आयुक्तों के बीच चर्चा हुई। आयोग ने इस विकल्प पर भी चर्चा की है कि अगर चुनाव की तिथि बढ़ानी भी पड़े तो सिर्फ बर्फबारी से प्रभावित केंद्रों पर ही वोटिंग की तारीख बदली जाए।
सूत्रों के अनुसार, मौसम विभाग से भी संपर्क कर रहे आयोग ने अभी अगले कुछ दिनों तक सूबे के मौसम पर नजर रखने का फैसला किया है। यही नहीं, उसने बर्फबारी से प्रभावित क्षेत्रों में चुनाव सामग्री पहुंचाए जाने को लेकर पेश आ रही दिक्कतों का फीडबैक भी जिलाधिकारियों के जरिए मांगा है। गौरतलब है कि भाजपा ने बर्फबारी की वजह से चुनाव सामग्री से लेकर कर्मचारियों की आवाजाही में हो रही परेशानी का जिक्र करते हुए मतदान तिथि टालने की मांग की थी।
सूत्रों के मुताबिक, आयोग को यह जानकारी मिली है कि मौजूदा हालात के अनुसार उत्तराखंड के कुल 9744 मतदान केंद्रो में करीब 35 फीसदी बर्फबारी प्रभावित क्षेत्रों में आते हैं। मुख्य चुनाव आयुक्त एसवाई कुरैशी अगले कुछ दिनों में राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी (सीईओ) के साथ निर्वाचन सदन में बैठक कर पूरी स्थिति का जायजा ले सकते हैं। शीर्ष सूत्रों का कहना है कि राजनीतिक दलों की मांग संबंधी कोई भी जानकारी आयोग को मिलती है और फिर वह प्रशासनिक अधिकारियों के जरिये इस पर पूरा ब्यौरा लेता है। सूत्रों के अनुसार, इस विवरण के आधार पर ही कुरैशी अपने सहयोगी आयुक्तों के साथ विचार-विमर्श कर कोई फैसला करेंगे।













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