आदिवासियों को नंगे नचाने पर हंगामा, मामला दर्ज होगा

Andaman asked about semi-naked dance
दिल्ली (ब्यूरो)। पापुआ न्यू गिनी में किसी आदिवासी के घर कोई मर जाता है तो टूर आपरेटर तुरंत उसके घर पहुंच जाते है। सांत्वना देने के लिए नहीं बल्कि पैसा कमाने के लिए। वे घर वालों को बहलाकर शव को डीप फ्रीजर में रखवा देते हैं। बाद में पश्चिम से पर्यटकों की टीम लेकर पहुंचते हैं फिर उनसे अंतिम संस्कार कराया जाता है।

पश्चिम के लोगों को पापुआ न्यू गिनी के लोगों का अंतिम संस्कार देखने का बड़ा क्रेज है। इसका इस तरह टूर आपरेटर फायदा उठाते हैं। यही हाल लग रहा है अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के जारवा आदिवासियों के साथ हो रहा था। नया एक वीडियो फुटेज से मामला ऐसा ही लग रहा है। । इस फुटेज में लगभग निर्वस्त्र आदिवासी महिलाओं को पर्यटकों के सामने नचाया जा रहा है। आदिवासियों के शोषण की तस्वीर दिखाने वाली इस घटना पर गंभीर रुख अपनाते हुए केंद्र ने पूरे मामले में स्थानीय प्रशासन से रिपोर्ट तलब की है।

हालांकि स्थानीय प्रशासन ने केंद्र को भेजी अपनी शुरुआती रिपोर्ट में फुटेज बनाने वाले वीडियोग्राफर को ही दोषी बताया है। उसका कहना है कि वीडियोग्राफर ने ही आदिवासियों को पर्यटकों के सामने नाचने के लिए उकसाया। ब्रिटिश अखबार के लिए कवरेज करने वाले इस वीडियोग्राफर पर मामला दर्ज किया जाएगा।

बताया जाता है कि खाना देने के बदले आदिवासियों को पर्यटकों के सामने नाचने पर मजबूर किया गया। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने स्थानीय प्रशासन को निर्देश दिया है कि वह पता करे कि वीडियो कब बनाया गया। बिलकुल अलग रहने वाले आदिवासी बाहरी लोगों के संपर्क में कैसे आए। इन आदिवासियों के शोषण के लिए कौन लोग दोषी हैं।

सूत्रों के मुताबिक गृह मंत्रालय ने वीडियो को जांच के लिए लैबोरेटरी में भेजा है। गृह मंत्री पी चिदंबरम भी 21 जनवरी को अंडमान निकोबार पहुंच रहे हैं। वह वहां इस मुद्दे पर चर्चा कर सकते हैं।

अंडमान के डीजीपी एसबी देओल ने कहा कि जो फुटेज जारी किया गया वह शायद 2002 में बनाया गया है। जिसने भी आदिवासियों को पर्यटकों के सामने नचा कर यह वीडियो बनाया, उसने कानून तोड़ा है। उस पर कार्रवाई होगी। यह साफ है जब यह वीडियो बनाया गया तब ज्यादातर जारवा कपड़े नहीं पहनते थे। अंडमान पुलिस ने यह भी सफाई दी कि आदिवासियों को नचाने के लिए 200 पाउंड की रिश्वत लेने वाला व्यक्ति कोई पुलिस वाला नहीं है, जैसा कि खबरों में दावा किया जा रहा है।

बयान में कहा गया है कि लंदन के अखबार द ऑब्जर्वर से इस मामले में पुलिस से माफी मांगने की मांग की गई है। अखबार की रिपोर्ट में दावा किया गया था कि एक पुलिसकर्मी ने पर्यटकों से रिश्वत लेकर आदिवासियों को उनके सामने नचाया। अखबार से फुटेज बनाने वाले वीडियोग्राफर का नाम भी पूछा गया है। पुलिस ने फुटेज में दिख रहे वर्दीधारी शख्स को पहचानने के लिए सेनाओं की मदद भी मांगी है।

केंद्रीय आदिवासी मामलों के मंत्री वी किशोर चंद्र देव ने बताया कि सरकार ने अंडमान निकोबार द्वीप समूह के मुख्य सचिव और डीजीपी को घटना की जांच का आदेश दिया है। चैनलों को दिया जाएगा नोटिस अंडमान निकोबार प्रशासन ने कहा है कि आदिवासियों का वीडियो दिखाने वाले दिल्ली स्थित दो टीवी चैनलों को वह नोटिस जारी करेगा।

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