'कांग्रेस ने 65 साल बाद रची विभाजन की साजिश'

जिसका सड़क से संसद तक मुंह तोड़ जवाब दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का यह फैसला न न सिर्फ संविधान और नैतिकता के खिलाफ है बल्कि यह इस्लाम के भाईचारे और जाति विहीन समाज के मूल तत्व के भी विरूद्ध है। उन्होंने कहा कि जो मुसलमान आरक्षण का लाभ लेते हैं उन्हें धर्मांतरण से पहले के अपने मूल धर्म में वापस जाना होगा।
उमा ने कांग्रेस से सवाल किया कि धर्म आधारित आरक्षण की व्यवस्था करके क्या वह भारत को हिन्दू राष्ट्र का दर्जा देना चाहती है, जिसकी वकालत तो हमने भी कभी नहीं की। उन्होंने कहा कि धर्म आधारित राष्ट्र में ही धर्म आधारित आरक्षण की व्यवस्था होती है। धर्म आधारित आरक्षण वापस लेने की मांग करते हुए उन्होंने कहा कि भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू तक ने इसका विरोध किया था।












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