'देश में कुपोषण की समस्या, राष्ट्रीय शर्म का विषय'

प्रधानमंत्री ने यहां भूख और कुपोषण पर एक रिपोर्ट जारी करते हुए कहा कि कुपोषण की समस्या राष्ट्रीय शर्म की बात है। हमारे सकल घरेलू उत्पाद में प्रभावशाली वृद्धि के बावजूद देश में कुपोषण का स्तर अस्वीकार्य रूप से अधिक है। उन्होंने कहा कि भारत पयार्प्त गति से कुपोषण के स्तर को कम करने में सफल नहीं हुआ है। सिंह ने कहा कि कुपोषण से मुकाबले के लिए आईसीडीएस हमारा सबसे अहम औजार बना हुआ है।
लेकिन हम केवल इस पर निभर्र नहीं रह सकते। उन्होंने कहा कि हमें उन जिलों पर ध्यान देने की जरूरत है जहां कुपोषण का स्तर उंचा है और जहां के हालात के कारण कुपोषण व्याप्त है। सिंह ने कहा कि नीति निमार्ताओं और कायर्क्रमों को लागू करने वालों को शिक्षा व स्वास्थ्य, स्वच्छता और साफ-सफाई, पेयजल और पोषण के बीच कई कडि़यों को स्पष्ट रूप से समझने की और उनके मुताबिक अपनी गतिविधियों को आकार देने की जरूरत है।












Click it and Unblock the Notifications