विकास का डंका पीटने वाली माया अपने क्षेत्र को भूलीं
परिसीमन के मुताबिक अंबेडकर नगर के अंतर्गत अकबरपुर, टांडा, जलालपुर, कटेहारी और जहांगीरपुर विधानसभा क्षेत्र आते हैं। इन सभी इलाकों में मायावती की तूती बोलती है, लेकिन सिर्फ नाम की। क्योंकि पिछले पांच साल में मायावती ने इस जिले के लिए जितना करना चाहिये था, उससे कहीं कम किया। विडंबना यह है कि अंबेडकर नगर से दो दो नेता धर्मराज निषाद और राम अचल राजभर काया के कैबिनेट में भी रहे, लेकिन फिर भी यहां की जनता विकास के लिए तरसती रही।
यहां के लोगों की मानें तो बिजली की समस्या जस की तस बनी हुई है। सड़कें टूटी हुई हैं, और नगरीय सेवाओं का हाल काफी बुरा है। जलालपुर के निवासी रवि सिंह का कहना है कि पिछले पांच साल में यहां महज पार्कों के कुछ नहीं मिला। कई योजनाएं आयीं, लेकिन किसे फायदा पहुंचा यह किसी को नहीं पता। वहीं जलालपुर के ही अजित बिश्नोई का कहना है कि मूलभूत सुविधाओं का अभाव पहले भी था और अलग जिला बनने के बाद भी है। यह हाल उस जगह का है, जहां से खुद मायावती तीन बार सांसद रह चुकी हैं।













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