हार के डर से सदन से भागी सरकार, इस्तीफा दें प्रधानमंत्री: जेटली

एक सहायक आरजेडी के माध्यम से सरकार ने सदन में हंगामे कराने की कोशिश की। सरकार लगातार वोटिंग को टालती रही। एकजुट विपक्ष ने तय किया कि चाहे रात भर सदन में बैठना पडे़, हम वोटिंग कराकर रहेंगे। सरकार की नीयत यह थी कि लोकसभा द्वारा पारित एक कमजोर लोकपाल बिल आए और राज्यसभा से मजबूत लोकपाल बिल पारित न हो पाए।
गौरतलब है कि राज्यसभा में आकर लोकसभा बिल अटक गया है। भारी शोर शराबे और हंगामें के बीच सभापति हामिद अंसारी को सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल तक के लिए स्थगित करनी पड़ी। सुबह से हो रही बहस का रात 12 बजे तक कोई नतीजा नहीं निकला। सदन में जारी चर्चा के दौरान राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के सांसद राजनीति प्रसाद ने कार्यवाही में बाधा उपस्थित की। प्रसाद ने विधेयक पर जवाब दे रहे प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री नारायण सामी के सामने से कुछ दस्तावेज उठाकर फाड़ दिए।
इस बिल के लिए राज्यसभा के पास 187 संशोधन आये थे। लेकिन सरकार के पास इसको पारित कराने के लिए कोई चारा नहीं था ।क्योंकि विरोधियों और सहयोगियों के बीच चल रही खींचा-तानी से परेशान सरकार ने पलटी मारी और बिल को लटका दिया।












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