प्रोफेसर ने पैसों के लिए पत्‍नी को मार डाला

Professor was the murderer, killed wife for money
दिल्ली (ब्यूरो)। प्रोफेसर ने जुल्म कबूल लिया है। उसने स्वीकार कि दहेज के लिए उसने पत्नी की हत्या कर दी। वह सामान भी पुलिस को बरामद करा दिया जिसे लूट में जाना दर्शाया था। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल तमंचा बरामद कर लिया। साथ ही मृतका के परिजनों की तहरीर दहेज हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर ली है। हालांकि पहले दिन से ही पुलिस को शक प्रोफेसर पर ही था। दो दिन की कड़ी पूछताछ में प्रोफेसर वीरेद्र की हिम्मत टूट गई और उसने सबके सामने गुनाह कबूल लिया।

गत 20 दिसम्बर को गाजियाबाद के महामाया राजकीय डिग्री कालेज में प्रोफेसर व मुरादाबाद के थाना छजलैट क्षेत्र के नजराना गांव निवासी वीरेंद्र सिंह की पत्नी सोनिका की बदमाशों ने उस वक्त गोली मारकर हत्या कर दी थी जिस समय पति-पत्नी कार से गांव जा रहे थे। मामले में पति की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात बदमाशों के खिलाफ मुकद्मा दर्ज किया था, लेकिन शुरू से ही वह मामले को संदिग्ध मानकर चल रही थी। दो दिन पूर्व पुलिस ने प्रोफेसर को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की तो पुलिस की सख्ती के आगे प्रोफेसर टूटता चला गया। पुलिस को बताई कहानी भी फर्जी ही निकली। फंसता देख आखिरकार अपना गुनाह कबूल लिया।

सीओ सिटी देवेंद्र भूषण ने बताया कि प्रोफेसर ने ही पत्नी की गोली मारकर हत्या की है। निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल तमंचा भी मिल चुका है। पांच लाख के दहेज की मांग पूरी न करने पर उसने सोनिका की हत्या की थी। इसलिए मुकदमे को दहेज हत्या में तरमीम किया गया है। मुकद्मा कायम कर आरोपी को जेल भेज दिया गया है।

प्रोफेसर पत्नी सोनिका की हत्या के खुलासे के दौरान पुलिस द्वारा बरामद किए गए सामान को देखते ही मृतका के मां-बाप की आंखों से आंसू छलक पड़े। दोनों का कहना था कि पता नहीं था कि ऐसा दिन भी देखना पड़ेगा। बेरहम के साथ शादी कर दी थी। मालूम होता तो कभी ऐसा नहीं करते। देहात थाने में रविवार को पुलिस ने सोनिका की हत्या का खुलासा कर दिया। प्रोफेसर पति के कातिल का पता चलते ही और बेटी के मौके पर रखे सामान को देखते ही पिता गजेंद्र सिंह व मां हरवीरी की आंखों में आंसू आ गए।

मां सुबक कर कार में बैठकर रोने लगी, जबकि पिता के होंठ होनहार बेटी की जिंदगी के बारे में बताते हुए कंपकंपा रहे थे। बेटी के खोने का दर्द चेहरे पर साफ नजर आ रहा था। पिता गजेंद्र ने बताया कि 24 नवंबर 2010 को बेटी की शादी की थी। एक साल एक माह बीता है और आज यह दिन देखने को मिला है। यदि जरा भी पता होता तो ऐसे निर्दयी के साथ बेटी का विवाह कभी नहीं करता। बेटी एमएससी, बीएड थी और पीएचडी की उपाधि मिलने वाली थी। चार भाई-बहनों में वह दूसरे नंबर की थी।

प्रोफेसर पति वीरेंद्र सिंह ने सोनिका की हत्या साजिश के साथ की थी। गाजियाबाद से चलते समय उसने पूरा सामान कार में भरा था। ससुरालियों से बातचीत की थी, लेकिन अतरासी के बाद मृतका का मोबाइल बंद कर दिया था। घटना को लूट दर्शाने का प्रयास किया था। प्रोफेसर की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात बदमाशों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था, लेकिन विवेचना में वादी ही कातिल निकला। यह कोई नया मामला नहीं है। इससे पूर्व रजबपुर थाने के गांव मछरिया में बेवा का कातिल उसका ससुर निकला था। उसने ही पुत्रवधू की भतीजे के साथ मिलकर हत्या कराई थी।

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